बच्चों को लाड़-प्यार दुलार देना तो अच्छी बात है लेकिन इसकी अति कहीं न कहीं बच्चों को बिगाड़ देती है। वहीं बच्चों को ज्यादा दुलार देने पर बच्चों की आदतें बिगड़ सकती हैं, इस वजह से उन्हें ज्यादा दुलार न दें, जिससे वह आगे चलकर अच्छे इंसान बन सके।
हर जिद पर न हो चीजें हाजिर-
सामान्य तौर पर बच्चा कभी कभी जिद कर बैठता है, लेकिन उसकी हर जिद को पूरा नहीं करना चाहिये। वहीं बच्चों के जिद पर बैठने पर उन्हें बेहतर तरीके से समझाएं और उनके लिये कुछ बाउंड्री का निर्माण करें।
दूसरों का न करने पायें अनादर-
हमें हमेशा इस बात का ख्याल होना चाहिये कि बच्चे दूसरे का अनादर न कर पायें, वहीं यदि वह ऐसा कर देते हैं तो उन्हें अच्छी तरह से समझाएँ। इसके साथ ही उन्हें आगे इस तरह का बर्ताव न करने की सलाह भी दें, क्योंकि उनके बुरे बर्ताव के कारण उन्हें तकलीफ महसूस हो सकती है।
कभी न दें बच्चों को पैसे, अधिक जरूरत होने पर ही रखें हाथ में-
अधिकांश ऐसा होता है कि बच्चों के प्यार में आकर उनकी पॉकेटमनी बाँध दी जाती है, इसके साथ ही उस पॉकेटमनी में बच्चों को मनचाहे पैसे भी पकड़ा दिये जाते हैं। वहीं ऐसा करना बहुत ही गलत कदम है, क्योंकि इसके जरिये बच्चों को बुरी आदतें लग सकती हैं।
इसके साथ ही वह पैसों की कद्र करना भूल जाते हैं, वहीं बच्चों को सीधे पैसे न देकर उनकी जरूरत पूछ करके उन्हें सामान दें, जिससे वह बुरी आदतों में जाने से बच जायेंगे और पैसे की बर्बादी भी रुकेगी।
झूठ बोलने की करें मनाही-
अगर बच्चे ने झूठ बोलना शुरू कर दिया है तो उसे बेहतर तरीके से समझाएँ और व्यवहार में बदलाव लायें। इसके साथ ही उनके ऊपर यह भी नजर रखें कि उनकी दोस्ती किन लोंगो से हैं, अगर बच्चा गलत संगति में नजर आता है तो उसे डाँटे नहीं बल्कि उसे प्यार से समझाकर भविष्य के बारे में सचेत कर दें।
