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भारत जोड़ो यात्रा से ध्यान भटकाने के लिए हुआ चीता इवेंट: कांग्रेस

देश में आज नामीबियाई चीतों की चर्चा बड़े ज़ोरों पर है, प्रधानमंत्री मोदी ने मध्य प्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान में उनका पुनर्वास करके एक ऐतिहासिक कारनामा किया है. प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर 70 साल बाद देश में चीतों के पुनर्वास कार्यक्रम पर कांग्रेस पार्टी ने चुटकी लेते हुए कहा दरअसल हमारा शेर भारत जोड़ो यात्रा पर निकला हुआ है इसलिए उधर लोगों का ध्यान भटकाने के लिए यह सारा तमाशा किया गया है. 

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक ट्वीट में कहा कि चीता प्रोजेक्ट में उनकी कोशिशों का प्रधानमंत्री ने जिक्र तक नहीं किया. जयराम ने कहा कि चीता प्रोजेक्ट के लिए अप्रैल केपटाउन की मेरी यात्रा का उल्लेख तक न करना इसका ताज़ा मिसाल है. उन्होंने कहा कि ये ‘भारत जोड़ो यात्रा’ से ध्यान भटकाने का और राष्ट्रीय मुद्दों को दबाने का प्रयास है. बता दें कि ‘चीता प्रोजेक्ट’ का प्रस्ताव सबसे पहले 2008-09 में मनमोहन सरकार के दौरान तैयार हुआ था.  इस प्रोजेक्ट पर 2013 में शीर्ष अदालत ने रोक लगाई थी जो बाद में 2020 में हटाई गई थी.

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी चीतों के पुनर्वास पर चुटकी ली है. उन्होंने जयराम रमेश के ट्वीट को रीट्वीट किया है और लिखा कि उनका शेर देश जोड़ने के लिए निकला है तो देश तोड़ने वाले बहरी देशों से चीते ला रहे हैं. बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी नेआज मध्य प्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान में नामीबिया से लाए गए चीतों को छोड़ा. इससे पहले भारत में विलुप्त घोषित किए जाने के सात दशक बाद नामीबिया से आठ चीते शनिवार सुबह KNP  पहुंचे. इन्हें हेलीकॉप्टरों से श्योपुर जिले में स्थित केएनपी लाया गया.

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