बीजेपी शासित राज्यों में शहरों के नाम बदलना एक आम बात है मगर दक्षिण भारत के राज्यों में जहाँ भाजपा की सरकारें नहीं हैं वहां पर जनता की मर्ज़ी के बिना किसी शहर का नाम बदलना कितना भारी पड़ सकता है इसका नज़ारा आज आंध्रा प्रदेश में देखने को मिला जहाँ शहर का नाम बदलने से जनता इतनी नाराज़ हुई कि उसने एक मंत्री के घर में आग तक लगा डाली।
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दरअसल चार अप्रैल को पूर्वी गोदावरी जिले से अलग कर कोनासीमा जिले का गठन किया गया था. पिछले ही कोनासीमा जिले का नाम बदलकर बीआर आंबेडकर कोनासीमा जिला रखने की अधिसूचना जारी कर लोगों से आपत्तियां मांगी गयी थीं. इसी सिलसिले में भारी संख्या में लोग जिला कलेक्टर कार्यालय के पास विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, भीड़ को उग्र होते देख पुलिस ने उनपर लाठी चार्ज कर दिया जिससे भीड़ और भड़क गयी. पहले तो उसने पुलिस पर पथराव किया फिर परिवहन मंत्री पिनिपे विश्वरूपु के घर को आग के हवाले कर दिया गया, हालाँकि पुलिस मंत्री के पूरे परिवार को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
इस घटना में दो दर्जन से ज़्यादा पुलिसकर्मियों को चोटें आयी हैं. प्रर्दशनकारी भीड़ मंत्री आवास के अलावा एक शिक्षण संसथान और एक पुलिस वन को आग के हवाले कर दिया। वहीँ राज्य के गृह मंत्री तनेती वनिता ने कहा कि हम घटना की गहन जांच करेंगे और दोषियों को सजा मिलेगी ।” अमलापुरम में पावर सप्लाई बंद कर दी गई है. इस हिंसा के पीछे सरकार कुछ राजनीतिक दलों का हाथ बता रही है.
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