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चंदू बोर्डे का खुलासा, कप्तान के रूप में करियर नहीं बढ़ाना चाहते थे सचिन


चंदू बोर्डे का खुलासा, कप्तान के रूप में करियर नहीं बढ़ाना चाहते थे सचिन

नई दिल्ली। इसमें कोई दो राय नहीं है कि सचिन तेंदुलकर कप्तान के रूप में अपने करियर को आगे बढ़ाने के इच्छुक नहीं थे और इसी कारण सौरव गांगुली को भारतीय क्रिकेट टीम का कप्तान बनाया गया था, लेकिन अब पूर्व चयनकर्ता प्रमुख चंदू बोर्डे ने कहा है कि उन्होंने सचिन को टीम का कप्तान बने रहने के लिए मनाने की कोशिश की थी, लेकिन पूर्व बल्लेबाज उस समय अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान देना चाहते थे.

बल्लेबाजी पर देना चाहते थे ध्यान
बोर्डे ने कहा, देखिए, अगर आपको याद हो तो हमने उन्हेंं कप्तान के तौर पर ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भेजा था. उन्होंने वहां टीम की कमान संभाली लेकिन जब लौटकर आए तो कप्तानी नहीं करना चाहते थे. उन्होंने कहा था, नहीं मैं अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान देना चाहता हूं. मैंने उनसे कहा था कि आप कुछ लंबे समय के लिए कप्तानी करें क्योंकि हमें नए कप्तान को ढूंढऩा होगा.

..तो ऐसे मिली गांगुली को कप्तानी
बोर्डे ने बताया कि कुछ साथियों ने इसके लिए उनकी आलोचना भी की थी कि वो सचिन को कप्तानी के लिए मना नहीं सके. 2000 की शुरुआत में हुए मैच फिक्सिंग कांड के बाद सौरव गांगुली को टीम इंडिया का कप्तान बनाया गया. उन्होंने कहा, सचिन ने कहा कि वो अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान नहीं दे पा रहे हैं और टीम के लिए वैसा नहीं खेल पा रहे हैं, जैसा वो खेलना चाहते हैं. अंत में हमने गांगुली को कप्तान चुना. सचिन ने भारत के लिए 73 वनडे इंटरनेशनल और 25 टेस्ट मैचों में कप्तानी की, जिसमें भारत ने 23 वनडे इंटरनेशनल और चार टेस्ट मैच उनकी कप्तानी में जीते.

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