Chandrayaan 3 Updates: चंद्रयान 3 मिशन को लेकर अच्छे संकेत प्राप्त हो रहे हैं। लैंडर के चांद की धरती पर उतरने से पहले चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर का चंद्रयान-3 के लैंडर मॉड्यूल से संपर्क हो गया है। अब 23 अगस्त को चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग की तैयारी हो रही है। इस साफ्ट लैडिंग के बाद भारत विश्व में इतिहास रचेगा। ऐसा करने वाला अपना भारत दुनिया का चौथा देश बनेगा। इतना ही नहीं चांद के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग कराने वाला भारत विश्व का पहला देश होगा।
भारत को बड़ा फायदा
भारत का चंद्रयान-3 चंद्रमा की सतह पर 23 अगस्त को उतरेगा। इसके बाद भारत के लिए कई आर्थिक लाभ के रास्ते साफ होगे। भारत अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था 2025 तक 13 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। चंद्रमा पर सफल लैंडिंग भारत की तकनीकी क्षमता को बयां करेगी। चंद्रयान-3 ने 14 july 2023 को प्रक्षेपण के बाद 5 august को Moon की first grade में enter किया था। propulsion and lander module अलग करने की कवायद से पहले 14 और 16 अगस्त को चंद्रमा कक्षा में नीचे लाने की कोशिश हुई। जिससे चंद्रमा की सतह के और नजदीक आ सके। 23 अगस्त अब को चांद पर इसकी ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ कराने का प्रयास होगा। इससे पहले, 14 जुलाई के प्रक्षेपण के बाद पिछले तीन हफ्तों में पांच से अधिक प्रक्रियाओं में इसरो ने चंद्रयान-3 पृथ्वी से दूर आगे की कक्षाओं में बढ़ाया था।
चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर का चंद्रयान-3 से संपर्क
इसरो ने आज सोमवार को ट्वीट कर बताया कि चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर का चंद्रयान-3 के लैंडर मॉड्यूल से संपर्क हो गया है। दोनों के बीच टू-वे कम्युनिकेशन हुआ है। दोनों के बीच कम्युनिकेशन काफी बेहतर हुआ है।

