Site icon Buziness Bytes Hindi

चैम्पियंस ट्रॉफी: दुबई बैठक से पहले पीसीबी ने फिर कहा, हाइब्रिड मॉडल स्वीकार नहीं

champions trophy

पाकिस्तान में आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी के आयोजन के लेकर आज दुबई में एक बेहद अहम् बैठक हो रही है , उम्मीद की जा रही है कि आज शायद इस बात का फैसला हो जाय कि चैंपियंस ट्रॉफी पाकिस्तान में होगी या नहीं, पाकिस्तान में होगी तो भारत खेलेगा या नहीं, या फिर अगर हाइब्रिड मॉडल की बात सामने आती है तो पाकिस्तान उसके लिए राज़ी होगा या नहीं। फ़िलहाल जो जानकारी सामने आ रही है उसके मुताबिक बैठक से पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने एकबार फिर स्पष्ट करदिया है कि चैंपियंस ट्रॉफी पाकिस्तान में ही होगी और भारत को अपनी टीम पाकिस्तान भेजना पड़ेगा।

मोहसिन नकवी ने इसबारे में गुरुवार को आईसीसी से दो टूक बात की और वकीलों से भी सलाह-मशविरा किया और कानूनी सलाह ली. उन्होंने कहा कि अगर भारत मना कर रहा है तो सरकार का एक पत्र दिखाएं जिसमें पाकिस्तान न आने के ठोस कारण हों, पत्र के बिना कोई अन्य औचित्य स्वीकार नहीं किया जाएगा. पीसीबी अध्यक्ष ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद को स्पष्ट कर दिया है कि सरकार ने हमें हाइब्रिड मॉडल से मना कर दिया है ।

पीसीबी ने आईसीसी से बोर्ड बैठक से पहले चैंपियंस ट्रॉफी के लिए एक स्वीकार्य फॉर्मूला उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है. पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने साफ कर दिया है कि हाइब्रिड मॉडल के तहत भारत के साथ तटस्थ स्थान पर मैच स्वीकार्य नहीं है और अगर भारत के साथ तटस्थ स्थान पर मैच खेलने का फॉर्मूला बनता है, तो ये भी तय किया जाए कि अगले आयोजनों में पाकिस्तान भारत में जाकर नहीं खेलेगा.

पीसीबी के अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने दुबई रवाना होने से पहले देर रात गद्दाफी स्टेडियम लाहौर के अपने दौरे के दौरान मीडिया से बात करते हुए कहा कि चैंपियंस ट्रॉफी पाकिस्तान में आयोजित की जाएगी और वह लगातार आईसीसी के संपर्क में हैं।

आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी के अधिकार के लिए पाकिस्तान को 6 मिलियन डॉलर मिलेंगे, बीमा कंपनी को पाकिस्तान को टूर्नामेंट का बीमा करने के लिए प्रीमियम के रूप में 12 से 13 मिलियन डॉलर का भुगतान करना होगा, जबकि पाकिस्तान को गेट मनी मिलेगी. इस प्रकार बीमा राशि काटने के बाद लगभग 6 मिलियन डॉलर प्राप्त होंगे।

पाकिस्तान को हर साल आईसीसी की आय से जनवरी और जुलाई में 13 मिलियन की दो किश्तें मिलती हैं. इसके विपरीत, भारत को आईसीसी के 90-95 मिलियन डॉलर के वार्षिक राजस्व का 38 प्रतिशत हिस्सा मिलता है।

Exit mobile version