चैंपियंस ट्रॉफी: आगाज़ अच्छा तो अंजाम भी!

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अमित बिश्नोई
ऐसा माना जाता है कि आगाज़ अगर अच्छा होता है तो अंजाम भी अच्छा ही निकलने की सम्भावना बढ़ जाती है. चैंपियंस ट्रॉफी में कल मेज़बान पाकिस्तान का आगाज़ बहुत बुरा हुआ, पूरे पाकिस्तान में हल्ला मचा हुआ है, कछुए की रफ़्तार से 64 रन बनाने वाले बाबर आज़म निशाने पर हैं. इस आगाज़ के बाद उम्मीद यही है कि मेज़बान देश के लिए अंजाम भी शायद बुरा ही होगा। आज हम दुबई में बांग्लादेश के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी का आगाज़ कर रहे हैं इसलिए हमारे लिए यह मैच पाकिस्तान और न्यूज़ीलैण्ड के मैच से भी बढ़कर है क्योंकि आज का मैच जीतने के बाद टीम इंडिया के लिए सेमीफाइनल की राह आसान हो सकती है. ऐसा मैं इस लिए कह रहा हूँ क्योंकि इस टूर्नामेंट का फॉर्मेट ही ऐसा बना है कि एक मैच हारने के बाद टीम बड़ी मुश्किल में फंस सकती है, जैसा कि मेज़बान टीम फंस चुकी है. भारत के ग्रुप में अगर कागज़ पर देखा जाय तो बांग्लादेश की टीम को एक कमज़ोर टीम बताया जा रहा है हालाँकि चैंपियंस ट्रॉफी में अगर कोई टीम पहुंची है तो उसे कमज़ोर नहीं कहा जा सकता है, इसके बावजूद उसे कमज़ोर माना जा रहा है. लेकिन बकौल रोहित शर्मा बांग्लादेश के मैच खिलाफ मैच को हलके में नहीं लिया जा सकता। आज के मैच में भारत को जीत भी चाहिए और अच्छे मार्जिन से भी जीत चाहिए क्योंकि यह जीत और जीत का मार्जिन न्यूज़ीलैण्ड के खिलाफ मैच के दौरान बहुत फर्क डाल सकती है.

टीम इंडिया को अभी सिर्फ अंतिम चार की राह देखना है, आगे कौन सी टीम सामने आएगी, उसपर रणनीति बाद में बनाई जा सकती है. बेशक टीम इंडिया एक मज़बूत टीम है और अंतिम चार में पहुँचने के लिए डिज़र्व करती है लेकिन क्रिकेट में कभी भी कुछ भी हो सकता है, एक खराब दिन आपकी उम्मीदों को धूमिल कर सकती है. पाकिस्तान भले ही कल का मैच हार गया है लेकिन अभी वो पूरी तरह बाहर नहीं है. पाकिस्तान बांग्लादेश के खिलाफ मैच को जीता हुआ मानकर चल रही है जो उसका आखरी लीग मैच है. उसके सामने करो या मरो की स्थिति भारत के खिलाफ 23 फरवरी को है, इसलिए उस दिन पाकिस्तान अपना पूरा ज़ोर लगा देगी। वो कामयाब हो सकती है या नहीं यह अलग ही बात है लेकिन वो ज़ोर पूरा लगाएगी क्योंकि एक तो भारत को हराने से सारे खून माफ़ हो सकते हैं, दूसरे बांग्लादेश के खिलाफ मैच उसके लिए थोड़ा आसान हो सकता है. वहीँ भारत का आखरी मैच शायद पाकिस्तान से भी मुश्किल हो सकता है. कीवी टीम की मौजूदा फॉर्म को देखते हुए कहा जा सकता है कि मुकाबला बराबरी का है, कोई भी टीम हार या जीत सकती है, उसमें किसी को कोई हैरानी नहीं होगी।

इसलिए बांग्लादेश के खिलाफ मैच टीम इंडिया के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. इस मैच में अच्छे मार्जिन से मिली जीत टीम के लिए आगे की राह आसान भी कर सकती है और दबाव को कम भी कर सकती है. पाकिस्तान के खिलाफ मैच में अगर कुछ उन्नीस बीस हो जाय तो कीवी टीम के खिलाफ उसके पास मौका रहेगा। इसी तरह कीवी टीम भले ही पाकिस्तान को पाकिस्तान में पीट चुकी हो लेकिन ऐसा हरगिज़ नहीं है कि उसके लिए रास्ते में अब कोई रूकावट नहीं है. बांग्लादेश की टीम में भी न्यूज़ीलैण्ड को हराने का दम है. मत भूलना चाहिए कि बांग्लादेश के पास पाकिस्तान से कहीं अच्छे स्पिनर हैं जो न्यूज़ीलैण्ड के खिलाफ अपसेट कर सकते हैं और अगर अपसेट हो गया तो भारत के खिलाफ मैच उसके लिए नॉक आउट मैच बन जायेगा और उस सूरत में नेट रन रेट का महत्व बहुत बढ़ जायेगा। भारत ने अगर अपने सभी लीग मैच जीते, जो वो कर सकता है और बांग्लादेश ने अगर न्यूज़ीलैण्ड के खिलाफ अपसेट कर दिया तो इस ग्रुप से दूसरी सेमीफाइनलिस्ट टीम एक मैच जीतकर भी अंतिम चार में पहुँच सकती है. इसलिए मैं कह रहा हूँ कि आज का मैच का जीतकर टीम इंडिया को एक शानदार आगाज़ करना चाहिए।

अब अगर दूसरे ग्रुप की बात करें जिसमें इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका और अफ़ग़ानिस्तान की टीमें शामिल हैं, तो यहाँ भी मुकाबला काफी दिलचस्प होने वाला है हालाँकि अपने कई मुख्य खिलाडियों को गंवाने के बाद ऑस्ट्रेलिया की टीम मुश्किल में है, विशेषकर उसके सभी मुख्य गेंदबाज़ पैट कमिंस, हेज़लवुड, मिचेल स्टार्क, मिचेल मार्श और मार्क स्टोइनिस टीम में नहीं हैं ऐसे में उसका आक्रमण काफी कमज़ोर नज़र आ रहा है जिसकी वजह से ग्रुप की बाकी टीमें ज़रूर खुश होंगी। इस ग्रुप की अगर बात करें तो साउथ अफ्रीका अंतिम चार में पहुँचने की तगड़ी दावेदार मानी जा सकती है, न्यूज़ीलैण्ड की तरह साउथ अफ्रीका भी एक बैलेंस टीम है जिसके पास ODI के लिहाज़ से अच्छी बल्लेबाज़ी है और गेंदबाज़ी भी ठीक है. इंग्लैंड की टीम भले ही भारत में खेली गयी टी20 और ODI श्रंखला में बुरी तरह हारी इसके बावजूद इंग्लैंड की टीम को कमज़ोर नहीं कहा जा सकता। जहाँ तक अफ़ग़ानिस्तान टीम की बात है जो अब वह ICC टूर्नामेंट में जीतने भी लगी है इसके बावजूद उसे अभी अपसेट करने वाली टीम की सूची में ही रखा जा सकता है. फ़िलहाल तो इस ग्रुप में ऑस्ट्रेलिया के मुख्य गेंदबाज़ों के हटने से कंगारुओं के चांसेस को थोड़ा डाउन ज़रूर किया है, उसे अब अपने बल्लेबाज़ों पर ही भरोसा करना होगा, ऐसे में साउथ अफ्रीका एक टीम हो सकती है जबकि दूसरी टीम के लिए इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया दोनों ही टीमों के पास मौके रहेंगे।

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