लाइफस्टाइल डेस्क। Chaitra Navratri 2022 Special – चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो गयी है, आज नवरात्र का पहला दिन है। लोग नवरात्रि के 9 दिनों तक उपवास रखते हुए मां के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा करते है। इसके अलावा, कई नियमों का पालन भी करते है , खासकर नवरात्रि के दौरान उपवास करने वाले लहसुन-प्याज का सेवन नहीं करते। लेकिन क्या आप जानते है ऐसा क्यों, अगर नहीं तो चलिए जानते है।
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कई लोगो का कहना है की नवरात्रि में उपवास रखने से मन की शुद्धि और आध्यात्मिक विकास होता है, ऐसे में लहसुन और प्याज का सेवन नहीं करना चाहिए। क्योकि ये तामसिक प्रकृति के होते है जो अज्ञानता और वासना में बढ़ोतरी करते है। साथ ही, इसके सेवन से मन चंचल होता है और भोग और विलास की तरफ मन खींचता जाता है। इसलिए उपवास के दौरान अपने मन को पवित्र बनाने के लिए इसका सेवन वर्जित होता है।
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इसके अलावा, एक पौराणिक कथा भी काफी प्रचलित है, जो प्याज और लहसुन वर्जित क्यों है इसके बारे में बताती है। कथा के अनुसार, समुद्र मंथन के बाद अमृत के लिए एक स्वरभानु नाम का दैत्य छल से देवताओं के बीच बैठकर अमृत पी लिया था। जिसके बारे में मोहिनी रूप धारण किए भगवान विष्णु को पता चल गया था, तभी उन्होंने अपने चक्र से स्वरभानु का सिर धड़ से अलग कर दिया। फिर स्वरभानु के सिर और धड़ से अमृत की कुछ बूंदें धरती पर गिरीं, जिसे लहसुन और प्याज की उत्पत्ति हुई। बता दे, स्वरभानु के सिर और धड़ को ही राहु तथा केतु कहा जाता है। हालांकि अमृत की बूंदों से उत्पत्ति के कारण लहसुन और प्याज काफी फायदेमंद माने जाते है लेकिन ये राक्षस के मुंह से उत्पत्ति हुए है, इसीलिए उपवास में इसे अपवित्र माना गया है।

