बिहार के लाल और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद की मुश्किलों का खत्म होता नज़र नहीं आ रहा है, जेल में ढाई साल गुज़ारने के बाद उन्हें ज़मानत मिली तो फिर एक अन्य केस में उन्हें सजा हो गयी, पिछले महीने ही उन्हें फिर ज़मानत मिली तो अब उनके खिलाफ रेलवे भर्ती मामले में अनियमितता का नया केस खोल दिया गया है और इस वक्त लालू के ठिकानों या फिर कहिये RJD के ठिकानों पर सीबीआई के रेड चल रही है, RJD इसे राजनीतिक बदले की साज़िश बता रही है।
मामला उस समय का है जब लालू 2004 से 2009 तक रेल मंत्री हुआ करते थे, आरोप है कि उस दौरान रेलवे में भारतियों को लेकर भारी अनियमितताएं की गयीं थी. आरोप के मुताबिक लोगों को मंहगी ज़मीन के बदले नौकरियां दी गयी थीं, इस मामले में सीबीआई ने नए सिरे से मुकदमा दर्ज कर आज सुबह राजद के एक दर्जन से ज़्यादा ठिकानों पर रेड डाली है, लालू की बेटी मीसा भर्ती के दिल्ली आवास पर सीबीआई की पूछताछ चल रही है. लालू यादव फिलहाल अपनी बेटी के पास इसी घर में हैं।
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इसके अलावा पटना में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी आवास और गोपलगंज में लालू यादव के पैतृक आवास पर भी छपा मारा गया है. दिल्ली पटना के अलावा जानकारी मिली है की मध्य प्रदेश में लालू के ठिकाने पर सीबीआई पहुँच चुकी है. सीबीआई इन इस केस में लालू यादव, राबड़ी देवी, मीसा भारती और हेमा यादव के अलावा कुछ अन्य लोगों पर मामला बनाया है, इसके उन लोगों पर भी केस दर्ज हुआ जिन्होंने प्रॉपर्टी देकर नौकरी हासिल की है।
वहीँ राजद इसे बीजेपी की साज़िश बता रही है, राजद का कहना है कि इधर तेजस्वी और नितीश कुमार के बीच भाजपा को दूरियां कम होती दिखाई दीं तो भाजपा ने बौखला कर यह हरकत की है. वैसे सरकार अगर किसी के पीछे पड़ जाय तो फिर उससे पीछा छुड़ाना आसान नहीं होता। इसकी एक और ताज़ा मिसाल आज़म खान जिनके खिलाफ बकरी चोरी से लेकर ज़मीन तक के 88 मुक़दमे दर्ज हो गए, जमानत पर सुनवाई करते करते अदालते भी परेशान हो गयी, आखिरकार सुप्रीम कोर्ट को फटकार लगानी पड़ी तो आज़म जेल से बाहर आ पाए. कुछ ऐसा ही अब लालू के साथ हो रहा है. सियासी भाषा में यह लालू के खिलाफ नहीं बल्कि राजद के खिलाफ कार्रवाई हो रही है।
