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Income Tax Return प्रोसेस अब सिर्फ 10 दिन में होगा पूरा, CBDT ने किया बड़ा बदलाव

Income Tax Return

Income Tax Return: Income Tax Return प्रोसेस की प्रक्रिया अब 10 दिन में पूरी होगी। आयकर दाताओं की सुविधा के लिए CBDT ने बड़ा बदलाव किया है। CBDT ने कहा कि FY 2022-23 के लिए 6.98 करोड़ आयकर रिटर्न दाखिल किए गए हैं। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return) फाइल करने को लेकर एक बड़ा अपडेट जारी किया है। CBDT ने अपने बयान में कहा कि टैक्सपेयर द्वारा वेरिफिकेशन होने के बाद इनकम टैक्स रिटर्न प्रोसेस करने में लगने वाले समय को अब घटाकर 10 दिन कर दिया है। सीबीडीटी ने कहा कि करदाताओं को बेहतर सुविधा देने के लिए आयकर विभाग प्रयास कर रहा है।

टैक्स विभाग ने कम किया एवरेज प्रोसेसिंग टाइम

सीबीडीटी ने कहा कि वित्त वर्ष 2022-23 के लिए दाखिल रिटर्न के लिए वेरिफिकेशन के बाद आयकर रिटर्न का एवरेज प्रोसेसिंग टाइम AY 2019-20 के लिए 82 दिनों और AY 2022-23 के लिए 16 दिनों की तुलना में अब घटाकर 10 दिन कर दिया गया है।
सीबीडीटी ने कहा कि आयकर विभाग आईटीआर को त्वरित और कुशल तरीके से प्रोसेस्‍ड करने के लिए तैयार है।

6.98 करोड़ से अधिक Income Tax Return दाखिल

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने कहा कि FY 2022-23 के लिए 6.98 करोड़ आयकर रिटर्न दाखिल हुए हैं। जिनमें से 6.84 करोड़ वेर‍िफाइड हो चुके हैं। छह करोड़ से अधिक आईटीआर यानी कुल सत्यापित रिटर्न में से 88 प्रतिशत को प्रोसेस्‍ड क‍िया जा चुका है। आयकर विभाग ने अपने बयान में कहा कि टैक्‍स असेसमेंट ईयर 2023-24 के लिए 2.45 करोड़ से अधिक रिफंड पहले से जारी किए जा चुके हैं। आयकर एवं कॉरपोरेट कर से संबंधित शीर्ष निकाय सीबीडीटी ने बयान में कहा, कुछ आयकर रिटर्न (आईटीआर) के मामले में टैक्सपेयर्स की ओर से कुछ जानकारी मुहैया ना कराने या जरूरी कदम न उठाने से विभाग उनका रिटर्न प्रोसेस‍ नहीं कर पा रहा है।

सीबीडीटी के अनुसार, वित्त वर्ष 2022-23 के लिए दाखिल किए कुल आईटीआर में लगभग 14 लाख रिटर्न करदाताओं ने अभी तक सत्यापित नहीं किया। इसके अलावा विभाग ने 12 लाख करदाताओं से अतिरिक्त जानकारी मांगी है। इस संबंध में उन्हें ई-फाइलिंग खातों से अवगत कराया है।

इसी के साथ कुछ आईटीआर फाइल करने वालों ने अपने बैंक खातों को सत्यापित नहीं किया। ऐसे कई मामले सामने आया है। जिनमें आईटीआर प्रोसेस हो चुका है। उनका रिफंड भी निर्धारित हो चुका है। लेकिन विभाग उन्हें जारी करने में असमर्थ है क्योंकि करदाताओं ने अभी तक अपने बैंक खाते को सत्यापित नहीं किया। जिसमें रिफंड जमा होना है। ऐसे मामलों को देखते हुए विभाग ने करदाताओं से अनुरोध किया कि वे अपने बैंक खातों को ई-फाइलिंग पोर्टल के माध्यम से मान्य करें।

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