Gyanvapi Masjid case : ज्ञानवापी मस्जिद मामले पर आज सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने वाराणसी की जिला अदालत को केस ट्रांसफर कर दिया है। 51 मिनट चली सुनवाई में जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की बेंच ने मामला पहले वाराणसी जिला कोर्ट में सुना बेहतर है। इसके साथ ही कोर्ट ने अपने वाले आदेश को बरकरार रखा है जिसमें ‘शिवलिंग’ मिलने वाले स्थान को सुरक्षित और नमाज़ियों को नमाज़ पढ़ने में किसी भी तरह की बाधा न आने देने की बात कही गयी थी.
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इससे पहले हिन्दू पक्ष और मुस्लिम पक्ष के बीच ज़ोरदार बहस हुई. मुस्लिम पक्ष का कहना था कि विवाद मस्जिद के वजूद या धार्मिक चरित्र पर नहीं है, मस्जिद पांच सौ साल पुरानी है और प्लेसेस ऑफ़ वरशिप एक्ट कहता है कि देश की आज़ादी के समय धर्मस्थलों का जो भी चरित्र था उसे बदला नहीं जा सकता क्योंकि देश में कई स्थान ऐसे थे जहाँ मंदिर मस्जिद, हिन्दू मंदिर या बौद्ध मंदिर के झगडे थे, इन्ही विवादों को ख़त्म करने के लिए यह अधिनियम बनाया गया था.
मुस्लिम पक्ष की इस दलील का हिन्दू पक्ष ने ज़ोरदार विरोध किया और कहा कि ज्ञानवापी मामले में प्लेसेस ऑफ़ वरशिप एक्ट लागू नहीं होता, इसलिए कोर्ट द्वारा कमीशन के गठन पर भी सवाल नहीं उठाया जा सकता। बहरहाल सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ कर दिया है कि 17 मई को दिया गया उसका अंतरिम आदेश 8 हफ्तों तक लागू रहेगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जिला जज के निपटारे तक 17 मई का अंतरिम आदेश जारी रहेगा फिर दोनों पक्षों के पास कानूनी कार्रवाई के लिए 8 हफ्ते का समय रहेगा.’
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सुप्रीम कोर्ट में केस की सुनवाई अब गर्मी की छुट्टियों के बाद जुलाई के दूसरे हफ्ते में होगी. वहीँ आज ज्ञानवापी मस्जिद में जुमे की नमाज भी हुई जिसमें भारी संख्या में नमाजी आ गए जिससे मजबूरन गेट बंद करना पड़ा और मस्जिद के मुवल्ली की ओर से अपील भी करनी पड़ी कि पास की मस्जिदों में जुमे की नमाज़ अदा करें। वहीँ इलाहाबाद हाईकोर्ट में भी इस विवाद से जुड़े मामले पर सुनवाई हुई जिसे 6 जुलाई तक टाल दिया गया।
