पटना। बिहार में एक बार फिर से सियासी उथल-पुथल की जानकारी आ रही है। मिली जानकारी के अनुसार बिहार विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली महागठबंधन सरकार का फ्लोर टेस्ट अब आगामी 24 अगस्त को होगा। हालांकि, नई सरकार का कैबिनेट विस्तार फ्लोर टेस्ट से पहले कर लिया जाएगा। ऐसे संकेत दिए गए हैं। कैबिनेट विस्तार की तारीख 16 अगस्त की तारीख तय की गई है। सूत्रों के मुताबिक जानकारी दी गई है। वहीं, अपने खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बिहार विधानसभा के अध्यक्ष विजय कृष्ण सिन्हा ने भी बयान दिया है।
बिहार विधानसभा अध्यक्ष विजय कृष्ण सिन्हा ने अपने खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर कहा कि जब तक मैं इस पद पर हूं, बाहर बयानबाजी नहीं करूंगा। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सीएम ने पत्र भेज कर विधानसभा सत्र बुलाने की मांग की है। इस बारे में सचिव के पास सभी जानकारी है। एक बार फाइल मिलने के बाद हम और इसके बारे में जानेंगे। बिहार विधानसभा का विशेष सत्र आगामी 24 अगस्त को बुलाया जाएगा। विजय चौधरी ने यह भी कहा कि नियम के अनुसार विधानसभा बहुमत से पारित प्रस्ताव से अध्यक्ष को उसके पद से हटाया जा सकता है। विधानसभा में महागठबंधन दलों के जहां कुल 164 सदस्य हैं, वहीं भाजपा के 77 विधायक हैं। बता दें कि बिहार में सियासी बखेड़ा उस समय खड़ा हुआ जब सीएम नीतीश कुमार ने भाजपा का साथ छोड़कर आरजेडी का दामन थाम लिया। इसके बाद ही बुधवार को नीतीश कुमार ने सीएम पद और आरजेडी के तेजस्वी यादव ने डिप्टी सीएम पद की शपथ भी ली थी।
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नीतीश कुमार के रिकॉर्ड आठवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद बिहार विधानसभा के अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा को हटाने की मांग तभी से जोर पकड़ रही है। राष्ट्रीय जनता दल और अन्य पार्टियों के विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष को तुरंत हटाए जाने की मांग की। सत्ता पक्ष के महागठबंधन के सभी दलों ने विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव दिया। बुधवार को इन दलों के नेता ने एक संयुक्त पत्र विधानसभा सचिव को दिया था। उन्होंने इस संबंध में यह पत्र राज्यपाल को भेजा है। अब उसी पर निर्णय लिया जाएगा।
