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काबुल हमले का करारा जवाब देकर बाइडेन ने बता दिया वह भी ट्रम्प से कम नहीं


काबुल हमले का करारा जवाब देकर बाइडेन ने बता दिया वह भी ट्रम्प से कम नहीं

काबुल। काबुल हमले के बाद काफी लोग अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को याद करने लगे थे। असल में ट्रम्प ही थे जो बीते कई सालों से तालिबानियों और आईएसआईएस के खिलाफ सख्त लोहा ले रहे थे। बीते गुरुवार को जब काबुल एयरपोर्ट पर आईएसआईएस के अटैक में 13 अमरीकी नागरिकों समेत लगभग सौ लोगों की मौत हो गई तो दुनियाभर में लोग करारा बदला लेने के लिए अमरीका के एक्स पे्रसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प को याद करने लगे थे, लेकिन मौजूदा प्रेसिडेंट जो बाइडेन ने कुछ ही घंटे में बता दिया कि वे भी आतंकवाद के खिलाफ करारा जवाब देना जानते हैं।

जो बाइडेन के आह्वान पर अमरीका ने बदला लेना शुरु कर दिया है। अमेरिका ने गुरुवार को हुए काबुल हमले के जवाब में आतंकी ठिकानों पर अटैक कर दिया। गुरुवार को ही काबुल एयरपोर्ट पर आईएसआईएस-के के हमले में 13 सैनिकों के मारे गये। महज एक दिन बीतने के बाद शनिवार को ही अमेरिकी सेना ने आतंकी संगठन आईएसआईएस-के ठिकानों को हवाई हमले का निशाना बनाते हुए काबुल हमले के साजिशकर्ता को मार गिराया। अमरीकी मीडिया के अनुसार, नांगहार प्रांत अफगानिस्तान में टेरेरिस्ट ग्रुप आईएसआईएस के ठिकानों को ड्रोन हमले से निशाना बनाया।

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असल में नांगहार को ही आईएसआईएस का मुख्य ठिकाना माना जाता है। न्यूज के मुताबिक, इस हमले में साजिशकर्ता समझा जाने वाला मारा गया। सुकूं का मसला यह रहा कि इस अमरीकी अटैक में किसी कॉमन मैेन के मारे जाने की खबर नहीं है, अमरीकी डिफेंस मिनिस्ट्री पेंटागन ने भी इस अटैक की तस्दीक की है। केन्द्रीय कमांड के कैप्टन बिल अर्बन ने कहा कि अफगानिस्तान के नांगहार प्रांत में जबरदस्त एयरस्ट्राइक किया और हमने टारगेट को मार गिराया।

अफगानिस्तान में दूसरी ओर काबुल एयरपोर्ट पर एक बार आतंकी हमले का खतरा पुन: घिर रहा है। अमरीकी इंटेलिजेंस के मुताबिक, एयरपोर्ट के करीब पुन: टेरेरिस्ट अटैक हो सकता है। रिस्क फैक्टर देखते काबुल के अमरीकी दूतावास ने सभी से कहा है कि वह एयरपोर्ट के तमाम द्धारों से दूर हट जाएं। इतना ही नहीं एयरपोर्ट जा रहे अमेरिकी नागरिकों के लिए भी अमेरिकी दूतावास ने सलाह जारी की है।

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अमरीकी मॉडस ओपरेंडी के मुताबिक, अटैक करने के लिए एयरक्राफ्ट ने अफगानिस्तान के बाहर से उड़ान भरी और दुश्मन टारगेट पर मौका देखते ही हमला कर दिया। खबर यह है कि जो बाइडेन ने भले अफगानिस्तान से अपने सैपिकों को हटाने का निणर्रय लिया हो पर बाइडन एडमिनिस्ट्रेशन की ओर से इसी तरह के हमले का आप्शन ओपन रहेगा। जो बाइडन ने कहा है कि अमरीका इस हमले को न तो भूलेगा और न ही किसी को छोड़ेगा।

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