बिहार से दिल्ली जाने वालो की कोई कमी नहीं है . ट्रेन चाहे किसी भी रूट पर चलाएं, वह फुल रहेगी। लेकिन कमाई के मामले में सभी ट्रेनों का प्रदर्शन एक जैसा नहीं है. आज हम दिल्ली से बिहार जाने वाली सबसे ज्यादा मुनाफे वाली ट्रेन के बारे में बता रहे हैं।
पटना राजधानी के अलावा कौन?
दिल्ली से बिहार तक सबसे लाभदायक ट्रेनों की सूची में शीर्ष पर निश्चित रूप से नई दिल्ली से पटना तक 12310 राजधानी एक्सप्रेस है। लेकिन दूसरे स्थान पर न वैशाली एक्सप्रेस है न संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस है , न मगध एक्सप्रेस है और न ही विक्रमशिला एक्सप्रेस. बिहार में सबसे ज्यादा रेवेन्यू देने वाली ट्रेनों में पटना राजधानी के बाद 2570 नई दिल्ली दरभंगा सुपरफास्ट स्पेशल का नंबर आता है.
रेलवे ने सूची तैयार कर ली है
उत्तर रेलवे ने हाल ही में अपने जोन की सबसे ज्यादा राजस्व देने वाली ट्रेनों की एक सूची तैयार की है। इस लिस्ट में पटना राजधानी एक्सप्रेस पहले नंबर पर है. इसका अन्य ट्रेनों से कोई मुकाबला नहीं है. लेकिन इसके अलावा अन्य ट्रेनों पर नजर डालें तो पहले नंबर पर नई दिल्ली से दरभंगा तक जाने वाली 2570 डाउन सुपरफास्ट स्पेशल है। रेलवे के मुताबिक साल 2022-23 के दौरान कुल 4,57,501 यात्रियों ने इस ट्रेन से यात्रा की.
दूसरे नंबर पर बिहार संपर्क क्रांति
दिल्ली से बिहार तक कमाई करने वाली ट्रेनों में दूसरा नाम है बिहार संपर्क क्रांति. यह ट्रेन संख्या 12566 नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से प्रस्थान करती है। फिर यह कानपुर, ऐशबाग लखनऊ, गोरखपुर, देवरिया, सीवान, छपरा, सोनपुर, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर होते हुए दरभंगा तक जाती है। पिछले साल इस ट्रेन से कुल 5,95,714 यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया गया था. इससे रेलवे को 52,60,01,760 रुपये मिले.
जो तीसरे नंबर पर हैं
दिल्ली से बिहार के लिए तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली ट्रेन 12554 वैशाली एक्सप्रेस है। यह ट्रेन नई दिल्ली से चलकर कानपुर, लखनऊ, बस्ती, खलीलाबाद, गोरखपुर, सीवान, छपरा, हाजीपुर, बरौनी और खगड़िया होते हुए सहरसा पहुंचती है. वर्ष 2022-23 के दौरान इस ट्रेन में कुल 6,02,311 यात्रियों ने यात्रा की। इससे रेलवे को एक साल में 50,23,35,209 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ.
राजधानी एक्सप्रेस से कितनी आय?
रेलवे के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2022-23 के दौरान नई दिल्ली और पटना के बीच चलने वाली राजधानी एक्सप्रेस में 4,18,151 यात्रियों ने सफर किया. इन यात्रियों से रेलवे को 98,50,36,665 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ. गौरतलब है कि राजधानी पटना में तेजस का रैक लगा हुआ है. इसका मतलब यह है कि इस ट्रेन के कहीं भी रुकने की स्थिति में आप न तो ट्रेन में चढ़ सकते हैं और न ही उतर सकते हैं. क्योंकि इस ट्रेन का दरवाजा तभी खुलेगा जब ड्राइवर बटन दबाएगा।

