पर्सनल और गोल्ड लोन छोड़ें, म्यूचुअल फंड पर लोन है सबसे सस्ता

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म्यूचुअल फंड योजनाएं कई लोगों के निवेश पोर्टफोलियो का एक बड़ा हिस्सा होती हैं। इसलिए, कई ऋणदाता इसके बदले आक्रामक रूप से ऋण की पेशकश कर रहे हैं। इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक तरफ जहां ऋणदाताओं ने ऐसे ऋण तक पहुंचने की प्रक्रिया को सरल बना दिया है। वहीं, इसकी ब्याज दर भी पर्सनल या गोल्ड लोन की तुलना में कम रखी गई है। यह ऋण सार्वजनिक और निजी बैंकों से लिया जा सकता है लेकिन गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी) इस मोर्चे पर अधिक आक्रामक रही हैं। इस लोन कि सबसे अच्छी बात ये है कि इस लोन के लिए आपको अपनी छोटी छोटी ज़रुरतो को बंद नही करना पड़ता है ।

योजना मूल्य का अधिकतम 50% तक ऋण

इक्विटी म्यूचुअल फंड के मामले में, योजना मूल्य का अधिकतम 50% तक ऋण प्राप्त किया जा सकता है। एनबीएफसी आपके क्रेडिट स्कोर के आधार पर इस ऋण के लिए 9-10% ब्याज लेते हैं। इसकी तुलना में, सोने के बदले ऋण की दरें 9-24% के बीच होती हैं, जबकि लोग व्यक्तिगत ऋण के लिए 10-18% का भुगतान करते हैं। म्यूचुअल फंड पर ज्यादातर ऋणों की अवधि 12 महीने की ही होती है।

मिराए एसेट फाइनेंशियल सर्विसेज के सीईओ कृष्ण कन्हैया ने कहा, “हमने देखा है कि कई बार निवेशक छोटी अवधि की आपात स्थितियों से निपटने के लिए अपनी इक्विटी म्यूचुअल फंड यूनिट बेचते हैं। इसके कारण, वे अक्सर इक्विटी से उचित रिटर्न नहीं कमा पाते हैं और अपने दीर्घकालिक लक्ष्यों से चूक जाते हैं।

आसान प्रक्रिया

ऋणदाताओं ने लोगों के लिए म्यूचुअल फंड पर उधार लेना आसान बना दिया है। उन्होंने पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और आसान बना दिया है। एनबीएफसी के अधिकारियों ने कहा कि आम तौर पर, ऐसा होता है कि आप जितने दिनों तक राशि का प्रयोग करते है उतने दिन तक ही ब्याज लगता है , और इसमें लिए कोई ईएमआई नहो होती है । ऋण राशि को एक वर्ष की ऋण अवधि के दौरान कभी भी चुकाया जा सकता है और एक वर्ष के बाद ऋण को नवीनीकृत करने का विकल्प होता है। वित्तीय योजनाकारों का मानना है कि इस प्रकार के ऋण से चिकित्सा आपातकाल जैसी जरूरतों को पूरा किया जा सकता है।

हानि भी होती है

ऐसे ऋणों का एक बड़ा नुकसान यह है कि शेयर बाजार में तेज गिरावट की स्थिति में उधारकर्ता को टॉप-अप कराना होगा। यानी, ऋणदाता उधारकर्ता से उतना पैसा लाने के लिए कहता है जितना इक्विटी म्यूचुअल फंड के मूल्य में गिरावट आई है।

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