सीतारमन की बजट टीम में दो नए चेहरे, कुल 6 लोग शामिल

बिज़नेससीतारमन की बजट टीम में दो नए चेहरे, कुल 6 लोग शामिल

Date:


सीतारमन की बजट टीम में दो नए चेहरे, कुल 6 लोग शामिल

मोदी 2.0 सरकार का तीसरा केन्द्रीय बजट 1 फरवरी को पेश होने जा रहा है. वैसे तो हर साल ही बजट पर सबकी निगाह रहती है लेकिन इस बार कोविड19 की वजह से झटका झेल रही अर्थव्यवस्था को देखते हुए सभी बजट से खास उम्मीदें लगाए हुए हैं. सभी को इंतजार है कि अर्थव्यवस्था को बूस्ट देने के लिए बजट पिटारे से किस सेक्टर के लिए क्या एलान निकलते हैं. इस बार निर्मला सीतारमण की बजट टीम में दो नए चेहरे हैं. इस टीम में कुल 6 लोग शामिल हैं.

कृष्णमूर्ति सुब्रह्मण्यन को दिसंबर 2018 में मुख्य आर्थिक सलाहकार बनाया गया था. सुब्रमण्यन ने यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस से PHD की डिग्री ली है. वह देश के सीईए बनने से पहले इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस में पढ़ाते थे. उन्हें बैंकिंग, कॉर्पोरेट प्रशासन और आर्थिक नीति का एक्सपर्ट माना जाता है. सुब्रमण्यन ने अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट पॉलिसी, प्राइमरी मार्केट, सेकेंडरी मार्केट और रिसर्च पर SEBI की स्थाई समितियों के सदस्य के रूप में काम किया हुआ है. अपनी कॉर्पोरेट नीति के काम के तहत, वह बंधन बैंक, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बैंक मैनेजमेंट और RBI अकादमी बोर्डों के लिए काम कर चुके हैं. लॉकडाउन के बाद सुब्रमण्यन ने अनुमान जताया था कि अर्थव्यवस्था वी शेप रिकवरी दर्ज करेगी.

राजस्व सचिव अजय भूषण पांडेय महाराष्ट्र कैडर के 1984 बैच के IAS अधिकारी हैं. वह भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के CEO रह चुके हैं. पांडेय IIT-कानपुर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग किए हुए हैं और मिनेसोना यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में PHD हैं. पांडेय पर हेल्थ व डिफेंस पर खर्च करने के लिए रेवेन्यु जुटाने और महामारी में आयकर की दर कम रखते हुए बैलेंस बनाने की जिम्मेदारी है.

सोमनाथन व्यय विभाग के सचिव हैं. वह विश्व बैंक में काम कर चुके हैं और बतौर संयुक्‍त सचिव प्रधानमंत्री कार्यालय में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. सोमनाथन 1987 बैच के तमिलनाडु कैडर के आईएएस अधिकारी हैं. वह कलकत्ता विश्‍वविद्यालय से अर्थशास्त्र में पीएचडी हैं.

तरुण बजाज वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग में सचिव हैं. वह 1988 हरियाणा बैच के IAS अधिकारी हैं. वित्त मंत्रालय ज्वॉइन करने से पहले वह प्रधानमंत्री कार्यालय में भी काम कर चुके हैं. उन्होंने कई राहत पैकेजेस पर काम किया है. तीन आत्मनिर्भर भारत पैकेज को आकार देने में बजाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. बजट में देखना होगा कि उनके सुझाव कैसे सरकार को अर्थव्यवस्था में जान फूंकने में मदद करते हैं.

देबाशीष पांडा वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग में सचिव हैं. बजट में वित्तीय सेक्टर से जुड़े सभी एलान उनकी जिम्मेदारी में आते हैं. वह 1987 उत्तर प्रदेश बैच के IAS हैं. पांडा पर वित्तीय सिस्टम की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए आरबीआई के साथ मिलकर काम करने की भी जिम्मेदारी है.

तुहीन कांत निवेश व सार्वजनिक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग के सचिव हैं. उन्होंने अक्टूबर 2019 में डीआईपीएएम सचिव का पदभार संभाला. तुहीन कांत पांडे 1987 बैच के ओडिशा कैडर के आईएएस अधिकारी हैं. इस बार के बजट में उनके कार्यों पर भी नजर रहेगी क्योंकि केन्द्र का फिलहाल विनिवेश से राजस्व जुटाने पर जोर है.

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related