Tax Collection: आज आयकर विभाग ने वर्ष 2023—24 के कर संग्रह के आंकड़े जारी किए है। जिसमें बताया गया है कि 10 अगस्त 2023 तक कुल प्रत्यक्ष कर राजस्व 15.73 फीसदी से बढ़कर 6.53 लाख करोड़ रुपए हो गया है। छूट के लिए समायोजित प्रत्यक्ष कर शुद्ध राजस्व 5.84 लाख करोड़ रुपए था। जो कि पिछले साल की समान अवधि के शुद्ध राजस्व से 17.33 फीसद अधिक था।
विभाग ने बताया कि इस बार 17 प्रतिशत से अधिक टैक्स संग्रह बढ़ा है। अब तक 69,000 करोड़ रुपए का रिफंड जारी किया गया है। आयकर विभाग ने आंकड़े जारी करते हुए कहा कि चालू वित्त वर्ष 2023 में 10 अगस्त तक नेट डायरेक्ट टैक्स 17 प्रतिशत से अधिक और सकल डायरेक्ट टैक्स संग्रह 15.73 फीसद बढ़कर 6.53 लाख करोड़ रुपए हो गया है।
17 प्रतिशत से अधिक तक बढ़ा नेट संग्रह
रिफंड समायोजन के बाद नेट डायरेक्ट टैक्स संग्रह 5.84 लाख करोड़ रुपए है। जो कि पिछले साल की इसी अवधि के नेट संग्रह से 17.33 प्रतिशत अधिक है। यह टैक्स चालू वित्त वर्ष 2023-24 के लिए डायरेक्ट टैक्स के कुल बजट अनुमान का 32.03 प्रतिशत है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने कहा कि 10 अगस्त, 2023 तक कर संग्रह के अनंतिम आंकड़ों में लगातार वृद्धि हो रही है।
कितने करोड़ रुपए रिफंड?
आयकर विभाग ने बताया कि 10 अगस्त 2023 तक 69,000 करोड़ रुपए का IT रिफंड जारी किया है। जो पिछले साल की समान अवधि के दौरान जारी किए रिफंड से 3.73 फीसद अधिक है।
क्या है डायरेक्ट टैक्स?
डायरेक्ट टैक्स एक प्रकार का टैक्स होता है जो कि टैक्स अधिकारियों द्वारा किसी व्यक्ति या संगठन पर लगाया जाता है। इनसे अन्य प्रत्यक्ष करों का भुगतान सीधे भारत सरकार के लागू कर अधिकारियों को होता है।
डायरेक्ट टैक्स को एक प्रकार के कर के रूप में परिभाषित करते हैं। जहां कर का प्रभाव और घटना एक इकाई पर ही पड़ती है। इस कारण से प्रत्यक्ष करों का भुगतान किसी अलग व्यक्ति या अलग इकाई को नहीं किया जा सकता है।

