Crude Oil : अंतराष्ट्रीय स्तर पर तीन महीने में 26 डालर सस्ता हुआ कच्चा तेल, तेल कंपनियां को भारी मुनाफा

 
Crude Oil

नई दिल्ली। कच्चे तेल की कीमतों में इन दिनों आई भारी कमी का लाभ तेल कंपनियों को रहा रहा है। लेकिन तेल कंपनियां ग्राहकों को इसका लाभ देने से बच रही हैं। पिछले तीन महीने में कच्चा तेल अंतरराष्ट्रीय बाजार में 26 डॉलर सस्ता हो चुका है। पर कंपनियों ने तेल के भाव को अभी तक स्थिर रखा है। इसका असर ग्राहकों की जेब पर हो रहा है। जानकारों का कहना है कि अगर इस अनुपात के आधार पर तेल कंपनियां कीमतों में कमी करतीं हैं तो पेट्रोल और डीजल 11.70 रुपये तक सस्ता हो सकता थे। 6 जून को कच्चा तेल 120 डॉलर प्रति बैरल था जबकि अब यह इस समय 94 डॉलर प्रति बैरल पर है।

पेट्रोल डीजल की कीमतें सात अप्रैल से स्थिर हैं। यानी इनमें न तो बढ़ोतरी हुई और न किसी प्रकार की कोई गिरावट हुई। जानकारों का अनुमान है कि आगे कच्चे तेल की कीमतें 80-85 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती हैं। रिसर्च हेड के मुताबिक, कच्चा तेल अगर एक बैरल पर एक डॉलर कम या अधिक होता है तो देश की तेल कंपनियों को एक लीटर पर 45 पैसे का असर होता है। इस तरह से देखा जाए तो 26 डॉलर के आधार पर 11.70 रुपये पेट्रोल और डीजल कीमतें घटनी चाहिए थी। देश की तीन प्रमुख तेल कंपनियों बीपीसीएल, एचपीसीएल और इंडियन ऑयल को जून तिमाही में 18,480 करोड़ रुपये का भारी-भरकम नुकसान हुआ था। लेकिन अब तीनों कंपनियों को भारी मुनाफा हुआ है। तीन प्रमुख कंपनियों ने वित्त वर्ष 2021-22 में कुल 40,554 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया। इसमें 24,184 करोड़ का मुनाफा इंडियन ऑयल का रहा था। उस समय 4 नवंबर, 2021 से 22 मार्च, 2022 के बीच में चुनावी मौसम के कारण तेल कंपनियों ने तेल की कीमतें स्थिर रखी थीं।

इस साल अप्रैल से पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर होने से पहले देखें तो एक साल में पेट्रोल की कीमत 30 प्रतिशत और डीजल की 25 प्रतिशत तक बढ़ी थीं। 29 मार्च, 2021 को पेट्रोल 90.78 रुपये लीटर और डीजल 81 रुपये लीटर हो गया था। कुछ जगहों पर इस साल मार्च में पेट्रोल 116 रुपये और डीजल 100 रुपये प्रति लीटर को पार कर गया था।