नई दिल्ली। महंगाई अब काबू से बाहर हो गयी है। खाने-पीने की वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ने से अब खुदरा महंगाई भी आरबीआई की बस से बाहर निकल गई। इसकी सबसे ज्यादा मार आम और ग्रामीण इलाकों में रहने वालों पर पड़ रही है। खुदरा महंगाई अब बढ़कर 7.66 प्रतिशत हो गई है।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के जारी आंकड़ों के अनुसार, मार्च में खाद्य चीजों का मूल्य 7.68 प्रतिशत बढ़ गया। जबकि इससे पहले के महीने में इनकी महंगाई दर 5.85 प्रतिशत थी। 2021 की मार्च में खुदरा महंगाई दर 5.52 प्रतिशत और खाद्य महंगाई 4.87 पर थी।
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जबकि जनवरी-मार्च की तिमाही में खुदरा महंगाई 6.34 औसत प्रतिशत रही। इसकी बड़ी वजह रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते खाद्य तेलों की कीमतों में आया उछाल है। इससे तेल, वसा की महंगाई दर बढ़कर 18.79 प्रतिशत पर पहुंच गई। सब्जियों की कीमत भी 11.64 फीसदी तक बढ़ी है। इसके अलावा मांस,मुर्गा और मछली के दामों में भी मार्च में 9.63 फीसदी वृद्धि हुई है।
जारी आंकड़ों के मुताबिक 2022-23 के लिए खुदरा महंगाई दर को 4.5 फीसदी से अब बढ़ाकर 5.7 कर दिया है। आरबीआई ने संकेत दिए हैं कि अगर महंगाई नहीं कम होती तो ब्याज दरों में जून से बढ़ोतरी होगी।

