कोरोनावायरस महमारी का असर इस साल रीयल एस्टेट सेक्टर भी पर तगड़ा हुआ है. देश के प्रमुख सात शहरों में हाउसिंग सेल 2020 में 47 फीसदी गिरकर 1.38 लाख यूनिट रह सकती है. इसकी प्रमुख वजह कोरोना महामारी के चलते डिमांड में आई कमी है. प्रॉपर्टी कंसल्टेंट फर्म एनारॉक की एक रिपोर्ट में यह अनुमान जताया गया है. रिपोर्ट के अनुसार, नए घरों की सप्लाई भी सभी प्रमुख सात शहरों दिल्ली-एनसीआर, मुंबई महानगर क्षेत्र, पुणे, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और कोलकाता में 46 फीसदी गिरकर 1.28 लाख यूनिट रह सकती है.
साल समाप्त होने से 10 दिन पहले आंकड़े जारी करते हुए एनारॉक का कहना है कि मकानों की कुल बिक्री 2020 में 1.38 लाख यूनिट से अधिक रह सकती है, जोकि 2019 में 2.61 लाख थी. नए मकानों की आपूर्ति भी 2020 में घटकर 1.28 लाख रहेगी, जो 2019 में 2.61 लाख थी.
रिपोर्ट का कहना है कि आवासीय रीयल एस्टेट 2014 के पीक के मुकाबले 2020 में अपने निचले स्तर पर पहुंच गया. यहां से अब रिकवरी है. अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के दौरान आवासीय प्रॉपर्टी में मजबूत रिवाइवल दर्ज किया गया.
एनारॉक के चेयरमैन अनुज पुरी का कहना है, कोविड19 महामारी के चलते 2020 एक अप्रत्याशित साल रहा. हालांकि, इस साल की बीती दो तिमाही से आवासीय सेगमेंट में तेजी देखने को मिली है. इसकी वजह मार्केट में होमओनरशिप यानी रहने के लिए घरों की बढ़ी डिमांड है. इसके अलावा, डिस्काउंट्स एंड आफर्स, होम लोन की ब्याज दरों में कमी और महाराष्ट्र जैसे कुछ राज्यों में सीमित समय के लिए स्टॉप ड्यूटी में की गई कटौती से भी आवासीय रीयल्टी को बूस्ट मिला.

