सावधान! डोमिनोज पिज्जा के शौकीन खाने से पहले जान ले पहले ये बात!

 
Dominos Pizza

हापुड। डोमिनोज का पिज्जा खाने के शौकीन लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। डोमिनोज जैसी बड़ी कंपनी के पिज्जा में उपयोग किया जाने वाला सॉस और रिफाइंड का नमूने जांच में फेल हो गया है। यानी पिज्जा मानक के अनुरूप नहीं है। एडीएम कोर्ट ने डोमिनोज पिज्जा कंपनी पर बड़ी कार्रवाई की है। इसी के साथ दिल्ली की विक्टोरिया फूड्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की दाल के नमूने फेल पाए गए हैं। दोनों कंपनी पर एडीएम कोर्ट ने 15 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया है। दिल्ली रोड स्थित डोमिनोज रेस्टोरेंट में खाद्य सुरक्षा विभाग ने 2019 में सॉस के नमूना लिए थे। जिसको लैब में जांच के लिए भेजा था। 2020 में टीम ने डोमिनोज रेस्टोरेंट रिफाइंड का नमूना लिया था। जांच में रिफाइंड के पैकेजिंग लेवल में बहुत बड़ी कमी पाई गई है। इसके अलावा सॉस की क्वालिटी मानक के विपरीत है। अधिकारियों के अनुसार कंपनी द्वारा जो सॉस उपयोग में लाया जा रहा था वो मानक निर्धारित के बिल्कुल विपरीत है। लैंब की टैस्टिंग में मानकों से सॉस की क्वालिटी बेहद खराब पाई गई थी। इसका खुलासा जांच रिपोर्ट में हुआ है।

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एडीएम कोर्ट ने पिज्जा कंपनी पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया है। इसके साथ ही दिल्ली की विक्टोरिया फूड्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की अरहर दाल के नमूने खाद्य विभाग की टीम ने 2020 में लिए थे। जांच रिपोर्ट में पता चला कि अरहर दाल में नमी मानक से अधिक है। इसके अलावा दाल के दाने बड़ी संख्या में क्षतिग्रस्त पाए गए। एडीएम कोर्ट कंपनी पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। डोमिनोज पिज्जा रेस्टोरेंट में प्रतिदिन करीब 300 से 400 पिज्जा की बिक्री होती है। पिज्जा के अलावा अन्य फास्टफूड की बिक्री भी यहां पर होती है।