Personal Finance : Fixed Deposi करवाने से सिर्फ ब्याज नही बल्कि मिलते हैं कई फायदे

 
Personal Finance : Fixed Deposi करवाने से सिर्फ ब्याज नही बल्कि मिलते हैं कई फायदे
बाजार:- भारत एक ऐसा देश है जहां हर कोई अपने पैसे को ऐसी जगह इन्वेस्ट करना चाहता है जहां उसे बढिया ब्याज भी मिले और उसका पैसा डूबे भी न। वही अगर हम भारत के ट्रस्टेबल इन्वेस्टमेंट की बात करे तो वह है फिक्स्ड डिपॉजिट। भारत का प्रत्येक व्यक्ति अपना पैसा फिक्स्ड डिपॉजिट में इन्वेस्टमेंट करता है और जोखिम लेने से बचता है। इतना ही नहीं इसमे पैसे पर ब्याज भी मिलता रहता है और आपका पैसा सालों साल सुरक्षित रखा रहता है। फिक्स्ड डिपॉजिट एक ऐसी पॉलिसी है जो न सिर्फ आपके पैसे को सेव रखकर आपको ब्याज देती है बल्कि इसमें इन्वेस्टमेंट करने से आपको कई अन्य फायदे भी मिलते हैं। 

ओवरड्राफ्ट की सुविधा:- 

कई बार बैंक एफडी के आधार पर अपने ग्राहकों को लोन या ओवरड्राफ्ट की सुविधा देते हैं। इसमे एफडी मुख्य रूप से गारंटी की तौर पर काम करता है। वही यदि आप अपना लोन समय पर नही चुका पाते हैं तो इसकी भरपाई आपकी एफडी के माध्यम से कर ली जाती है। 

इश्योरेंश;- 

अगर आप किसी बैंक में एफडी करवाते हैं तो बैंक आपको इसके साथ डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) का इंश्योरेंस कवर मिलता है। इसके जरिए अगर बैंक डिफॉल्ट करता है या दिवालिया घोषित होता है तो आपको 5 लाख रुपये मिलते हैं। इसमे मुख्य रूप से मूलधन व ब्याज दोनो को जोड़ा जाता है। 

फ्री जिंदगी बीमा:-

बैंक एफडी के साथ अपने ग्राहकों को फ्री लाइफ इंश्योरेंस की सुविधा देते हैं। यह वह मुख्य रूप से ग्राहको का ध्यान एफडी करवाने के लिए आकर्षित करने हेतु करते हैं। बैंक एफडी के बराबर का लाइफ इंश्योरेंस अपने ग्राहकों को देता है इसमे बैंक अपने ग्राहकों के लिए एक उम्र का निर्धारण करता है।

टैक्स में होता है बेस्ट बेनिफिट:-

जब आप एफडी करवाते हैं और आपकी एफडी 5 साल से अधिक की है तो आप कानून-1961 की धारा 80सी के तहत टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं। इसके तहत, साल भर में आप 1.5 लाख रुपये तक पर टैक्स छूट ले सकते हैं।लेकिन अगर आप पांच वर्ष से कम समय के लिए एफडी करवाते हैं तो आपको इसके लिए टैक्स चुकाना होगा। बता दें कई बैंकों में अगर आप एफडी से 40 हजार से अधिक का ब्याज लेते हैं तो आपको उसका टैक्स चुकाना होता है।

100 फीसदीं रिटर्न की गारंटी:- 

जब आप अपने पैसे की एफडी करवाते हैं तो इसमे आपको 100 फीसदीं गारंटी के साथ रिटर्न मिलता है। अगर आप 5 साल या 10 साल या कितने भी साल बाद की योजना बना रहे हैं तो एफडी में यह पता चल जाता है कि आपको मेच्योरिटी पर कितने पैसे मिलेंगे क्योंकि एफडी पर फिक्स रिटर्न मिलता है. वहीं, म्यूचुअल फंड, एनपीएस, ईएलएलएस जैसे निवेशों में रिटर्न हर साल कम-ज्यादा होता है और शेयर बाजार की चाल पर निर्भर करता है।