Thursday, October 28, 2021
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बड़े कॉर्पोरेट्स के लिए भी प्री-पैक इन्सॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्लान पेश कर सकती है सरकार

नई दिल्ली, 21 सितम्बर (आईएएनएस)। दबावग्रस्त परिसंपत्ति समाधान (एसेट रिजॉल्यूशन) की गति को तेज करने के लिए, केंद्र जल्द ही बड़े कॉर्पोरेट्स के लिए दिवाला और दिवालियापन संहिता (आईबीसी) के तहत पहले से तैयार दिवाला ढांचे लेकर आ सकता है, जैसा कि एसएमई के लिए पेश किया गया है।

आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि सभी श्रेणियों के देनदारों के लिए एक पूर्व-पैक समाधान ढांचे पर चर्चा उच्चतम स्तर पर की जा रही है और एक बार राष्ट्र के स्वामित्व वाले बैड बैंक – नेशनल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड (एनएआरसीएल) के संचालन के बाद निर्णय लिया जा सकता है।

अप्रैल में, सरकार ने एमएसएमई के लिए प्री-पैकेज्ड इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन (पीआईआरपी) फ्रेमवर्क का संचालन किया, जो डेबटर-इन-पजेशन मॉडल पर आधारित है, जिसमें पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रक्रिया की निगरानी करने वाला एक रिजॉल्यूशन पेशेवर शामिल है।

यह सुनिश्चित करने के लिए कि गलत प्रमोटरों द्वारा प्रक्रिया का दुरुपयोग नहीं किया जा रहा है, पीआईआरपी ढांचा वित्तीय लेनदारों के लिए महत्वपूर्ण सहमति अधिकार निहित करता है और स्विस चैलेंज के समान एक योजना मूल्यांकन प्रक्रिया को भी अपनाता है, जो प्रतिस्पर्धी तनाव को बरकरार रखता है, जैसे कि प्रमोटर लेनदारों के अधिकारों और दावों के लिए कम से कम हानि के साथ योजनाओं का प्रस्ताव करते हैं।

एमके ग्लोबल ने विशेषज्ञों की राय के आधार पर अपने विश्लेषण में कहा है, प्री-पैकेज्ड रिजॉल्यूशन प्रोसेस से रिजॉल्यूशन में तेजी आ सकती है। आईबीसी में संरचनात्मक/कानूनी बाधाओं को दूर करने के अलावा, बड़े कॉर्पोरेट्स के लिए प्री-पैकेज्ड रेजॉल्यूशन जाने का रास्ता है, जैसा कि एमएसएमई के लिए पेश किया जा रहा है।

पीआईआरपी बड़े कॉर्पोरेट्स के लिए भी काम कर सकता है और बड़ी स्ट्रेस्ड एसेट्स के समाधान की गति को भी तेज कर सकता है। यह एनसीएलटी को प्रमोट करने से पहले लेनदारों को समाधान खोजने की शक्ति देने वाले आरबीआई द्वारा अनुमत वैकल्पिक समाधान तंत्र से दूर हो सकता है।

इन समाधान पैकेजों को आम तौर पर एनसीएलटी द्वारा 2-3 बैठकों में मंजूरी दी जाती है और यह एसएमई में एक बड़ी सफलता रही है। वास्तव में, एसबीआई का एक सर्कल पीआईआरपी के माध्यम से लगभग 200 प्रस्तावों को मंजूरी दे सकता है। विशेषज्ञों का मत है कि चूंकि एनएआरसीएल कॉर्पोरेट ऋण को एकत्रित करेगा और खरीदारों के लिए वन-स्टॉप शॉप के रूप में कार्य करेगा, इस लिहाज से संरचना के तहत पीआईआरपी सफल हो सकता है।

–आईएएनएस

एकेके/एएनएम

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