Thursday, October 28, 2021
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फोर्ड मोटर के अधिकारी के साथ बैठक विफल रही: यूनियन

चेन्नई, 21 सितम्बर (आईएएनएस)। फोर्ड मोटर कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी के साथ भारत में वाहन उत्पादन बंद करने के कॉर्पोरेट निर्णय पर फिर से विचार करने के लिए हुई बैठक विफल रही। फोर्ड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के एक केंद्रीय अधिकारी ने इसकी जानकारी दी।

श्रमिक संघ ने भारत में चार में से तीन संयंत्रों को बंद करने के निर्णय में शामिल फोर्ड मोटर कंपनी के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक करने के लिए कहा था।

यूनियन के एक नेता ने आईएएनएस को बताया, हमने सोमवार को फोर्ड मोटर कंपनी के आईएमजी (इंटरनेशनल मार्केट्स ग्रुप) के एक अधिकारी के साथ बैठक की। हमें बताया गया कि भारतीय संयंत्रों को बंद करने का निर्णय अंतिम है और इसमें कोई बदलाव नहीं होगा।

उनके अनुसार, श्रमिक अपनी नौकरी की सुरक्षा के लिए हैं न कि किसी एकमुश्त मुआवजे के लिए।

9 सितंबर को, फोर्ड इंडिया ने घोषणा की कि वह 2021 की चौथी तिमाही तक गुजरात के साणंद में वाहन असेंबली और 2022 की दूसरी तिमाही तक चेन्नई में वाहन और इंजन निर्माण को बंद कर देगी।

फोर्ड इंडिया के देश में चार संयंत्र हैं- चेन्नई और साणंद में वाहन और इंजन संयंत्र हैं।

अधिकारियों ने कहा कि फोर्ड के भारत छोड़ो के फैसले से लगभग 5,300 कर्मचारियों- श्रमिकों और स्टाफ के लिए भविष्य अनियत हो जाएगा।

फोर्ड इंडिया के चेन्नई संयंत्र में लगभग 2,700 सहयोगी (स्थायी कर्मचारी) और लगभग 600 कर्मचारी हैं।

साणंद मजदूर संघ के महासचिव नयन कटेशिया ने आईएएनएस से कहा, साणंद में श्रमिकों की संख्या करीब 2,000 होगी।

फोर्ड इंडिया ने कहा था कि साणंद इंजन प्लांट में 500 से अधिक कर्मचारी, जो निर्यात के लिए इंजन का उत्पादन करते हैं, और लगभग 100 कर्मचारी पुर्जे वितरण और ग्राहक सेवा का समर्थन करते हैं, भारत में फोर्ड के कारोबार का समर्थन करना जारी रखेंगे।

फोर्ड इंडिया के मुताबिक, इसके फैसले से करीब 4,000 कर्मचारियों के प्रभावित होने की आशंका है।

फोर्ड इंडिया के कर्मचारी चाहते हैं कि कार संयंत्रों का संभावित खरीदार उन्हें काम पर रखें।

–आईएएनएस

एसकेके/आरजेएस

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