लखनऊ। बीएसपी प्रमुख मायावती द्वारा यूपी में हुए आज़मगढ़ व रामपुर लोकसभा उपचुनाव के आये परिणाम के तीन दिन बाद ही आज प्रदेश के सभी 18 मण्डलों के वरिष्ठ पदाधिकारियों व अन्य प्रमुख ज़ि़म्मेवार लोगों की बैठक में पार्टी संगठन को ज़मीनी स्तर पर मज़बूत बनाने व जनाधार के विस्तार के काम को और अधिक तेजी़ से आगे बढ़ाने के सम्बंध में दिये गये नये जरूरी दिशा-निर्देश।
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मायावती ने कहा कि बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के कारवाँ को बिना थके-हारे आगे बढ़ाने का प्रयास लगातार जारी रखना ही मिशनरी लक्ष्य है। जिससे देश के मानवतावादी संविधान व इसके लोकतंत्र का सही फायदा केवल कुछ मुट्ठी भर लोगों तक ही सीमित नहीं रहे बल्कि इसका आपेक्षित लाभ जन-जन तक पहुँच सके।
पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि बीएसपी द्वारा राष्ट्रपति पद के लिए अनुसूचित जनजाति समाज की महिला द्रौपदी मुर्मू को समर्थन देने का फैसला किसी व्यक्ति अथवा पार्टी विशेष की बजाय उपेक्षित एसटी समुदाय के बहुजन समाज के अभिन्न अंग होने के नाते ही लिया गया है। उन्होंने कहा कि बीएसपी ने यह फैसला स्वतंत्र होकर निडरता से लिया है तथा यह न तो सत्ताधारी एनडीए के पक्ष में है और ना ही विपक्षी यूपीए के विरुद्ध, जिसकी बैठक में सराहना।
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मायावती ने कहा कि देश व ख़ासकर उत्तर प्रदेश में सरकार की गलत नीतियों व अहंकारी रवैयों आदि के कारण लगातार बिगड़ते हालात तथा दिन-प्रतिदिन यहाँ गंभीर होती जा रही गरीबी, महंगाई, बेरोजगारी व अशान्ति का नोट लेते हुए अराजक,नफरती तत्वों के प्रति तुष्टीकरण की बजाय सरकार से केवल दिखावे के लिए नहीं बल्कि पूरी तरह से सख़्ती से निपटने की माँग की गई। मायावती ने अग्निपथ योजना को लेकर कहा कि अब सेना में ठेके की अस्थाई तौर पर ’अग्निवीरों’ की भर्ती के विरुद्ध देश भर के नौजवानों में आक्रोश को सरकार गंभीरता से लेकर इसका सही समाधान निकाले। उन्होंने महाराष्ट्र में सत्ता पलट पर कहा कि इसमें धनबल के हो रहे खेल से जनहित व जनकल्याण लगातार प्रभावित होना गंभीर चिन्ता की बात है।
