Site icon Buziness Bytes Hindi

सपा की तीसरी सूची में बसपा-भाजपा के बागियों की चांदी


सपा की तीसरी सूची में बसपा-भाजपा के बागियों की चांदी

लखनऊ। समाजवादी पार्टी ने गुरुवार को अपनी तीसरी लिस्ट जारी कर दी है। इस तीसरी लिस्ट में 56 प्रत्याशियों के नाम पर मुहर लगाई गई है। इस लिस्ट की सबसे खास बात यह है कि समाजवादी पार्टी में दूसरे दलों से आए नेताओं को टिकट बड़ी मात्रा में दिया गया है। इसमें सबसे ज्यादा बसपा के बागियों को जगह दी गई है। अगर जातिवार प्रत्याशियों की सूची देखें तो तीसरी लिस्ट में दलितों पिछड़ों और मुस्लिमों को तरजीह दिया गया है। इसमें 12 यादव, 9 मुस्लिम और 13SC चेहरे हैं। अगर टोटल संख्या पर नजर डालें तो पिछड़ी जाति के 22, मुस्लिम समाज के 9, SC समाज के 13, ब्राह्मण समाज के 7 और ठाकुर समाज के 4 लोगों को समाजवादी पार्टी ने तीसरी लिस्ट में टिकट दिया है।इसमें पांच महिलाओं को भी समाजवादी पार्टी ने टिकट दिया है।

Read also: आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने पर समाजवादी पार्टी के खिलाफ मामला दर्ज


समाजवादी पार्टी ने गोरखपुर ग्रामीण से विजय बहादुर, चिल्लूपार विधानसभा से हरिशंकर तिवारी के बेटे विनय तिवारी को टिकट दिया गया है। गौरतलब है कि हरिशंकर तिवारी सपरिवार बसपा से सपा में आए हैं। इसके अलावा कौशांबी की जायल विधानसभा सीट से पूजा पाल को प्रत्याशी बनाया गया है। पूजा पाल दिवंगत राजू पाल की पत्नी है। राजू पाल भी बसपा के कद्दावर नेता रहे हैं। इसके अलावा अंबेडकरनगर की चार विधानसभाओं से प्रत्याशियों का ऐलान किया गया है। यह सभी प्रत्याशी बसपा से समाजवादी पार्टी में आए हुए हैं। इसमें पूर्व मंत्री राम अचल राजभर, लालजी वर्मा, त्रिभुवन दत्त और राकेश पांडेय हैं। वही mau की घोसी विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी से बगावत कर आए कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान को टिकट दिया गया है। दारा सिंह चौहान इसके पहले बसपा में रह चुके हैं। वही आजमगढ़ कि फूलपुरपुरवई सीट से पूर्व सांसद रमाकांत यादव को प्रत्याशी बनाया गया है। रमाकांत यादव भी इसके पहले भाजपा से सांसद रह चुके हैं और पिछला लोकसभा चुनाव उन्होंने congress पर लड़ा था।


रमाकांत यादव को जहां से दिया टिकट वहां से उनका बेटा है विधायक

आजमगढ़ के बाहुबली नेता रमाकांत यादव को आजमगढ़ की फुलपुरवई विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाया गया है। इस सीट पर उनके बेटे अरुण यादव 2017 से विधायक हैं। हालांकि रमाकांत यादव समाजवादी पार्टी में वापस तो आ गए हैं लेकिन उनका बेटा अभी भी भारतीय जनता पार्टी में ही हैं। ऐसे में यह सीट काफी दिलचस्प हो गई है। अब देखना होगा कि भारतीय जनता पार्टी यहां से अरुण यादव को टिकट देती है कि नहीं।


Read also: यूपी चुनाव : योगी आदित्यनाथ ने की मुख्यमंत्री के बंगले की बात तो मायावती ने गोरखपुर के मठ की दिलाई याद


हरिशंकर तिवारी रहे हैं बसपा के मजबूत स्तंभ

पूर्वांचल की राजनीति में हरिशंकर तिवारी का नाम किसी पहचान का मोहताज नहीं है। ब्राह्मणों के बाहुबली नेता के तौर पर इनकी पहचान रही है। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इनकी अदावत भी काफी चर्चाओं में रही है। दलित, मुस्लिम और ब्राह्मण गठजोड़ के दम पर बहुजन समाज पार्टी 2007 में सरकार बना चुकी है। जिसमें हरिशंकर तिवारी की भूमिका काफी महत्वपूर्ण रही है। हालांकि वर्तमान परिस्थितियों में हरिशंकर तिवारी बहुत ज्यादा सक्रिय तो नहीं है लेकिन उनके परिवार के लोग अभी भी राजनीति में महत्वपूर्ण बने हुए हैं। हरिशंकर तिवारी के साथ और उनके बेटे विनय शंकर तिवारी ने भी समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया है। इसके अलावा उनके रिश्तेदारों गणेश शंकर पांडे और पूर्व सांसद कुशल तिवारी भी सपा में आ गए हैं। गौरतलब है कि 2017 में भारतीय जनता पार्टी की प्रचंड लहर में हरिशंकर तिवारी के छोटे बेटे विनय शंकर तिवारी ने बसपा के टिकट पर चिल्लू पार से जीत दर्ज की थी। वह गोरखपुर में गैर भाजपाई इकलौते विधायक थे।

Exit mobile version