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मध्य प्रदेश में कांग्रेस की हार में हाथी और साइकिल बने पनौती, जानिए पूरा गणित

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MP Vidhan Sabha Election 2023: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 में कांग्रेस बुरी तरह से हारी है। कांग्रेस का वोट प्रतिशत तो नहीं घटा लेकिन सीटें 66 आईं हैं। मध्य प्रदेश में कांग्रेस की हार में बसपा और सपा पनौती बन गए। लेकिन सबसे अधिक नुकसान मध्य प्रदेश में कांग्रेस को बसपा ने पहुंचाया है। कांग्रेस की इस हार की समीक्षा की जा रही है। बसपा और सपा को मिले वोट का अंकगणित समझे तो करीब दो दर्जन सीटों पर कांग्रेस पर बसपा पर भारी पड़ी है। वहीं कुछ सीटों पर सपा ने कांग्रेस को सत्ता तक पहुंचने का खेल बिगाड़ा है।
कांग्रेस की इस हार पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि गठबंधन दल ने कांग्रेस के 12 फीसदी वोट काट दिए और यह वोट काटने की राजनीति है। उनका निशाना समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) पर है।

मध्य प्रदेश की सत्ता में आने का सपना देख रही कांग्रेस को 66 सीटें मिली। यानि 2018 की तुलना में उसे 48 सीटों का नुकसान हुआ। हालांकि कांग्रेस के वोट प्रतिशत में बदलाव नहीं आया है। 2018 में कांग्रेस को 40 प्रतिशत के करीब वोट मिला था। 2023 में कांग्रेस को 40 फीसदी के करीब वोट मिला। भाजपा का वोट प्रतिशत करीब 8 प्रतिशत बढ़ा है। इस कारण से भाजपा ने प्रचंड जीत दर्ज की है।

दो दर्जन सीटों पर बीएसपी ने बिगाड़ा कांग्रेस का खेल

कांग्रेस का वोट प्रतिशत न घटा और न बढ़ा। लेकिन बसपा-सपा का वोट प्रतिशत घट गया। इसका सीधा फायदा भाजपा को हुआ है। 2018 में बसपा को 5 प्रतिशत वोट मिले थे। जो 2023 में घटकर 3.40 प्रतिशत पर आ गए हैं। जबकि 2018 में सपा को 1.30 प्रतिशत वोट मिला था। जो 2023 में घटकर 0.46 प्रतिशत पर आ गया है। इस बार सपा को नोटा से कम वोट मिला है। जबकि निर्दलियों का वोट 2018 की तरह 2023 में 5 फीसदी के करीब रहा।
बसपा और सपा का वोट प्रतिशत गिरने का फायदा भाजपा को हुआ। जो भाजपा 2018 में 41 फीसदी के करीब वोट पाई थी। वो 2023 में 48 फीसदी के करीब पहुंच गई। बसपा और सपा के वोट प्रतिशत में गिरावट ने बीजेपी को चंबल और बुंदेलखंड के इलाके की दो दर्जन से अधिक सीटों पर लाभ हुआ। बसपा और सपा के एक प्रत्याशी जीते नहीं। लेकिन कांग्रेस के प्रत्याशियों के हराने में अहम भूमिका अदा कर गए।

दो दर्जन से अधिक सीटों पर नुकसान

2023 के चुनाव नतीजे बताते हैं कि बसपा और सपा ने कांग्रेस से दो दर्जन से अधिक सीटों पर जीत छीनी। कांग्रेस को सबसे अधिक नुकसान बसपा ने पहुंचाया। उसके कई प्रत्याशी दूसरे नंबर पर रहे हैं। जिस दिमनी सीट से केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर मैदान में थे। वहां पर बसपा दूसरे नंबर पर रही। यहां बसपा प्रत्याशी को 54 हजार से अधिक मत मिले हैं। जबकि बीजेपी के नरेंद्र सिंह तोमर को 79 हजार वोट मिले। कांग्रेस 24 हजार वोट पाकर तीसरे नंबर पर रही।

ठीक इसी तरह सुमावली सीट पर बीएसपी दूसरे नंबर पर रही। जहां पर बीएसपी के ऐदल सिंह कसाना को 72 हजार 508 वोट मिले तो बसपा के कुलदीप सिंह को 56500 वोट मिले। यहां कांग्रेस 55 हजार से अधिक वोट पाकर दूसरे नंबर पर रही। इसी तरह सिरमौर में भी बीएसपी दूसरे नंबर पर रही। बीजेपी को 54 हजार 875 वोट मिले, जबकि बीएसपी को 41 हजार से अधिक वोट मिले। कांग्रेस 35 हजार से अधिक वोट पाकर तीसरे नंबर पर रही।
नगोड में बीएसपी दूसरे नंबर रही। यहां पर भाजपा के नागेंद्र सिंह को 70 हजार 712 वोट मिले, जबकि बीएसपी के यादवेंद्र सिंह को 53 हजार 343 वोट मिले। कांग्रेस की रश्मि सिंह 50 हजार 282 वोट पाकर तीसरे नंबर पर रहीं।

कांग्रेस की जीत के फासले में बीएसपी

कई सीटों पर बीजेपी और कांग्रेस में जीत-हार का जो अंतर है, उससे अधिक वोट बीएसपी और सपा के प्रत्याशियों को मिले हैं। गुन्नौर सीट पर बीजेपी 1160 वोटों से जीती, जबकि यहां पर बीएसपी को 5946 और सपा को 3892 वोट मिले। रामपुर-बाघहेलन में बीजेपी 22 हजार वोटों से जीती, जबकि यहां बीएसपी को 38 हजार से अधिक वोट मिले। त्योंथर में बीजेपी 4746 वोटों से जीती। जबकि यहां बीएसपी को 24 हजार से अधिक वोट मिले।

इसी तरह भिंड में भाजपा 14 हजार वोटों से जीती। जबकि यहां तीसरे नंबर पर रही बीएसपी को 34 हजार से अधिक वोट मिले. लहर सीट पर बीजेपी 12 हजार वोटों से जीती और यहां पर बीएसपी को 31 हजार से अधिक वोट मिले हैं। चांदला में बीजेपी 15 हजार वोटों से जीती और यहां पर सपा को 24 हजार से अधिक वोट मिले. महाराजपुर में बीजेपी 26 हजार से अधिक वोटों से जीते और यहां पर बीएसपी को 19812 व सपा को 11828 वोट मिले।

जतारा में बीजेपी 9827 वोटों से जीती, जबकि सपा को यहां पर 13240 वोट मिले। निवाड़ी सीट पर बीजेपी 17157 वोटों से जीती और यहां पर सपा के प्रत्याशी को 32670 वोट मिले। छतरपुर में बीजेपी 6967 वोट से जीती और यहां पर बीएसपी 14184 वोट मिले। चित्रकूट सीट पर तो बीजेपी 5606 वोटों से जीती, जबकि यहां पर बीएसपी को 28782 और सपा को 6259 वोट मिले। राजनगर में बीजेपी 5867 वोटों से जीती और यहां पर बीएसपी को 32195 और सपा को 6353 वोट मिले।

भाजपा को कई सीटों पर नुकसान

बसपा और सपा ने मिलकर करीब दो दर्जन से अधिक सीटों पर कांग्रेस से जहां जीत छीनी वहीं इन दोनों पार्टियों ने कई सीटों पर भाजपा से जीत छीनी। अटेर सीट पर कांग्रेस ने 20 हजार वोटों से भाजपा को हराया। यहां पर बसपा को 18 हजार से अधिक और सपा को 10 हजार से अधिक वोट मिले। ठीक इसी तरह मुरैना सीट पर कांग्रेस ने बीजेपी को 19 हजार से अधिक वोट से हराया। इस सीट पर बीएसपी को 37 हजार से अधिक वोट मिले थे। सतना में कांग्रेस ने बीजेपी को 4 हजार वोटों से हराया और यहां पर बीएसपी को 33 हजार से अधिक वोट मिले।

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