उत्तरकाशी। आज मंगलवार अक्षय तृतीया के दिन सुबह 8:15 बजे जैसे ही परंपरागत वाद्य यंत्रों ने धुन बजानी शुरू की और पंड़ितों ने मंत्रोच्चारण शुरू किया। वाद्य यंत्रों की धुन के बीच यमुना को डोली में बैठाया गया और उनको यमुनोत्री के लिए मायके से विदा किया गया। इस दौरान मायके वालों ने पूरे परंपरागत तरीके से यमुना को विदा किया। मां यमुना की को भाई शनिदेव समेश्वर देवता की डोली भी विदा करने को निकली। इस दौरान विधायक यमुनोत्री संजय डोभाल, यमुना मां के मायके वाले और पुलिस प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।
आज मायके से निकली यमुना की डोली दोपहर में 12:15 बजे यमुनोत्री धाम पहुंच जाएगी। जहां पर मंदिर के कपाट खोले जाएंगे। दूसरी ओर मां गंगा की उत्सव डोली भैंरोघाटी के भैंरो मंदिर में रात में रूकने के पश्चात आज सुबह गंगोत्री धाम के लिए प्रस्थान कर गई। गंगोत्री के कपाट भी आज दिन में मंत्रोच्चारण के बीच विधि विधान से खोल दिए जाएंगे। आज अक्षय तृतीया के दिन यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे।
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दोनों धामों के कपाट खुलने के बाद चार धाम की यात्रा का श्रीगणेश हो जाएगा। सोमवार से ही श्रद्धालुओं के जत्थे यमुनोत्री धाम और गंगोत्री धाम पर पहुंच गए हैं। आज सभी श्रद्धालुगण कपाट खुलने का इंतजार कर रहे हैं। बता दे कि दो साल से बंद चार धाम यात्रा में इस बार लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। इसके लिए सरकार ने सभी चार धामों में स्वास्थ्य, ठहरने, पानी,बिजली के अलावा खाने की व्यवस्था भी बहुत बेहतर करने का दावा किया है।
