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बैरिकेड तोडे़, पुलिस को पीटा, लालकिले पर झंडा फहराया तो तुम्हें मिलेगा दो लाख का मुआवजा


बैरिकेड तोडे़, पुलिस को पीटा, लालकिले पर झंडा फहराया तो तुम्हें मिलेगा दो लाख का मुआवजा

चंडीगढ़। तुष्टिकरण की राजनीति देश मेें इस कदर हावी हो गई है कि अपराधिक मामलों में शामिल होने वाले व्यक्ति को भी दो लाख रुपये बतौर मुआवजा दिए जाने की घोषणा की जा रही है। यह बात आपको अचंभित करने वाली हो सकती है लेकिन जब बात चुनाव में जीत-हार की हो तो नैतिकता-मर्यादा को किनारे रख अपनी बात को तर्कों से सही साबित किया जा सकता है। और सिर पर जब सत्ता का नशा हावी हो जाए तो कोई भी बात बुरी नहीं लगती। हम बात कर रहे हैं पंजाब में नवनियुक्त चननी सरकार की जिसने दिल्ली में लाल किले तक पहुंचने वाले किसानों को दो लाख रुपये मुआवजा देने की बात कही है।

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गौरतलब है कि इसी साल 26 जनवरी को कृषि कानूनों का विरोध में ट्रैक्टर रैली निकालने वाले किसान अपने तय रूट से हटकर ट्रैक्टर सहित लाल किले तक पहुंच गये। इस दौरान उपद्रवी किसानों ने तमाम बैरिकेट्स तोड़े, पुलिस पर हमला किया और लाल किले पर पहुंचकर अपना झंडा भी फहरा दिया। यह प्रदर्शनकारी किसान इस कदर उग्र थे कि उनसे बचने के लिए पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक बल के जवान लाल किले की दीवारों से कूदते नजर आ रहे थे।। उस वक्त छवि खराब होने के डर से किसान संगठनों ने भी लाल किले तक पहुंचने वाले किसानों को किसान मानने से भी इंकार कर दिया था। किसान संगठनों ने उपद्रवियों को भाजपा के आदमी करार दिया था। इस मामले में पुलिस ने 83 किसानों को गिरफ्तार किया था।

लेकिन पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनाव में किसी भी प्रकार जीत हासिल करने की कोशिश में नवनियुक्त मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने इन सभी किसानों दो लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। सीएम चन्नी ने इस संबंध में ट्वीट करते हुए कहा कि तीनों काले कानूनों के कई खिलाफ जारी किसान आंदोलन को अपनी सरकार का समर्थन देते हुए हमने 26 जनवरी पर निकाली गई ट्रैक्टर रैली के दौरान गिरफ्तार हुए 83 किसानों को दो लाख रुपये मुआवजा देने का फैसला किया है।

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अब सभी 83 किसान गुनहगार हों यह तो हम नहीं कर सकते मगर हम यह जरूर कह सकते हैं की सभी 83 किसान बेगुनाह भी नहीं होंगे। ऐसे में कानून की दृष्टि से अपराधी व्यक्ति को पंजाब सरकार किस आधार पर दो लाख रुपये मुआवजा देने जा रही है यह तो सीएम चन्नी ही जानें। हम कहें या न कहें लेकिन विपक्षी दल इसको हंगामा किए जाने वालों को प्रोत्साहन दिए जाना जरूर कहेंगे। हाल के दिनों में तमाम विवादों से घिरी कांग्रेस के लिए चन्नी सरकार का यह ऐलान और संकट पैदा कर सकता है। इस ऐलान से विपक्षी दलों को कांग्रेस नेतृत्व, पंजाब कांग्रेस और मुख्यमंत्री चन्नी पर निशाना साधने का एक और मौका मिल जाएगा।

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