- कानपुर में मूक बधिक छात्र का कराया था धर्मांतरण
- तार जेहादियों से जुड़े होने के सबूत एटीएस को मिले
लखनऊ से हाल ही में दो मौलाना गिरफ्तार किए गए थे. एटीएस ने खुलासा किया था कि यह दोनों मौलाना मिलकर 1 हजार से ज्यादा लोगों के धर्मांतरण करा चुके हैं. यूपी के साथ इनके तार केरल तक से जुड़े हैं. कानपुर का भी एक मूक बधिर लड़का इन दोनों के बहकावे में आ गया था और वो आदित्य गुप्ता से अब्दुल्ला बन गया था. उसे सनातन धर्म की कुरीतियां बताकर बरगलाया गया था.इस मामले में रोज नए खुलासे हो रहे हैं. अब पता चला है कि आदित्य को केरल ले जाया गया था. जहां उससे मजदूरी कराई गई. उसे अच्छी नौकरी और रुपए मिलने का प्रलोभन दिया गया था. एटीएस जब आदित्य से पूछताछ कर रही थी तो उसके साथ एक काउंसलर भी थे. जिन्होंने उसकी काउंसिलिंग की. इसके बाद आदित्य ने स्टेटस में लगाया कि वह वापस हिंदू धर्म में लौट रहा है. उसे गलत जानकारियां दी गई थीं.
जांच एजेंसियों को जिहादी से जुड़े होने के प्रमाण
गलत तरीके से धर्मांतरण कराने के मामले में जांच एजेंसियों को धर्मांतरण कराने वाले गिराेह के आतंकी संगठनों से जुड़े होने के प्रमाण मिले हैं. विदेशें से टेरर फंडिंग के नाम पर उनके पास पैसा पहुंचने के प्रमाण मिले हैं. मामला संगीन होने की वजह से सीएम योगी खुद इस मामले की पल-पल की अपडेट ले रहे हैं. उन्होंनें सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि आस्था और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले लोगों पर कड़ा एक्शन लें.
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बच्चों के सहारे जेहाद
जांच एजेंसी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक मूक बधिर बच्चों के साथ लोगों के मन में दया का भाव होता है. इस वजह से उनकी हरकतों पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया जाता. उनके सारे जेहाद के मंसबूों का अंजाम दिए जाने की तैयारी हो रही थी. अलग तरह की ट्रेनिंग और रुपयों का लालच देकर इनसे देश विरोधी साजिशें करानी थी. टीचर के सहारे इन बच्चों की एक्सट्रा क्लास के नाम पर आतंकी वारदातें कराने की साजिश चल रही है. फिलहाल जांच एजेंसियों के रडार पर देश भर के मूक बधिर कॉलेज है. जहां से जुड़े लोगों का डेटा कलेक्ट किया जा रहा है और जिनका मिल गया है उनकी हरकतों पर नजर रखी जा रही है.

