भारत और साऊथ अफ्रीका के बीच आज से शुरू हुए केपटाउन टेस्ट के पहले ही दिन बल्लेबाज़ों पर गेंदबाज़ों ने कहर बरपाया। पहले मोहम्मद की अगुवाई में भारतीय गेंदबाज़ों ने साउथ अफ्रीका को 55 रनों पर ढेर कर दिया, फिर एक अच्छी पोजीशन के बाद भारतीय टीम भी 153 रनों पर सिमट गयी. दिन का खेल ख़त्म होने पर साउथ अफ्रीका के दूसरी पारी में भी तीन विकेट आउट हो चुके थे. इस तरह टेस्ट के पहले ही दिन 23 विकटों की पतझड़ रही. भारतीय पारी के दौरान टेस्ट हिस्ट्री में पहली बार ऐसा हुआ कि एक पारी में बिना कोई रन जोड़े 6 विकेट गिरे। 12 गेंदों के अंदर भारत का पांचवां, छठा, सातवां, आठवां, नौवां और दसवां विकेट गिरा.
इससे पहले बिना कोई रन जोड़े अधिकतम 5 विकेट गिरे थे. इतिहास में बिना रन के पांच विकेट गिरने के केवल 4 उदाहरण हैं। इससे पहले 6 विकेट गिरने के दौरान सबसे कम रन का अंतर 1 था. 1965 में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ रावलपिंडी टेस्ट में न्यूज़ीलैंड ने एक रन के एवज़ में 6 विकेट खो दिए थे. टीम इंडिया एक समय काफी कंट्रोलिंग पोजीशन में थी उसका पांचवां विकेट के एल राहुल के रूप में 153 रनों पर गिरा था और लग रहा था कि टीम इंडिया आसानी से 250 तक पहुँच जाएगी लेकिन शेष बल्लेबाज़ों ने साऊथ अफ़्रीकी गेंदबाज़ों के आगे ऐसा सरेंडर किया कि पूरी टीम 153 के स्कोर पर ही आउट हो गयी. बाद के पांच बल्लेबाज़ों ने स्कोर में एक भी रन नहीं जोड़ा। टीम इंडिया की तरफ 6 बल्लेबाज़ खाता न खोल सके, खाता तो मुकेश कुमार भी नहीं खोल सके, वो शून्य पर नाबाद वापस गए क्योंकि उन्हें कोई गेंद खेलने को नहीं मिली।
ऐसा नहीं था कि ये सारे विकेट पुछल्ले थे, इसमें विराट कोहली और रविंद्र जडेजा का भी विकेट शामिल था. अंतिम पांच विकेट गिरे वो भी बिना कोई रन जोड़े वाकई बड़ी शर्मनाक बात है। ये ठीक है कि मैच में भारत की पोजीशन मज़बूत दिख रही है. साउथ अफ्रीका की दूसरी पारी में तीन विकेट गिर चुके हैं और अभी 36 रनों की लीड बाकी है. आज की तरह अगर कल भी पिच ने ऐसा ही व्यवहार किया तो हो सकता है कि मैच पहले ही सेशन में ख़त्म हो जाय और भारत पारी की हार का बदला भी ले ले.