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Black Money Expose: एक हफ्ते की छापेमारी में अरबों की काली कमाई का राजफाश, 150 करोड़ रुपये सरेंडर

लखनऊ। झांसी और कानपुर समेत पांच शहरों में घनाराम ग्रूप पर हुई आयकर विभाग की कार्रवाई में अरबों रुपये की काली कमाई का राजफाश हुआ। जिसमें एक हफ्ते चली जांच के बाद समूह ने 150 करोड़ रुपये सरेंडर किए। इसके अलावा 15 करोड़ से अधिक का कैश और ज्वैलरी भी सीज की गई।  आयकर विभाग ने झांसी के रियल इस्टेट कारोबारी घनाराम ग्रुप और उनके सहयोगियों के कानपुर, लखनऊ और दिल्ली, नोएडा स्थित ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई की थी। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने जानकारी दी कि औद्योगिक समूह पर कार्रवाई में अरबों की अघोषित कमाई का खुलासा हुआ। सीबीडीटी के अनुसार घनाराम ग्रुप सरकारी ठेके लेने के साथ रियल इस्टेट क्षेत्र में सक्रिय है। आयकर विभाग को सरकारी ठेके से जुड़े कारोबार की जांच से पता चला कि समूह हर वित्तीय वर्ष के अंत में अपने बहीखातों में जोड़-तोड़कर और मुनाफा कम दिखाकर टैक्स चोरी कर रहा था।

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सीबीडीटी के मुताबिक बहीखातों में जोड़.तोड़, फर्जी खर्चों और संदिग्ध लेनदारों का रिकॉर्ड खंगाला तो किसी का अस्तित्व नहीं पाया गया। कब्जे में लिए गए दस्तावेजों से फर्जी खर्चों के असत्यापित विविध लेनदारों के संदर्भ में 150 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का पता चला। सीबीडीटी ने यह भी कहा है कि रियल इस्टेट क्षेत्र में सक्रिय इस ग्रुप की कंपनियों ने टैक्स चोरी के लिए स्टांप शुल्क भी नहीं छोड़ा है। स्टांप शुल्क कम दिखाकर करोड़ों की टैक्स चोरी की गई। जिसके प्रमाण अब मिल चुके हैँ। घनाराम ग्रुप  की कंपनियां पर्याप्त निर्माण कार्य पूरा होने के बाद बहीखातों में टैक्स बचाने के लिए अपनी आय को छिपा रही थीं।

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