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बाजार से गायब होने लगी ब्लैक फंगस की दवाइयां


बाजार से गायब होने लगी ब्लैक फंगस की दवाइयां

मेरठ। ब्लैक फंगस बीमारी का नाम चर्चा में आते ही बाजारों में इसके उपचार में कारगर दवाइयां भी गायब होनी शुरू हो गयी हैं। माना जा रहा है कि रेमदेसिविर व अन्य दवाइयों की तरह ब्लैक मार्केटिंग करने वालों ने इसे भी स्टॉक करना शुरू कर दिया है। वहीं शासन -प्रशासन की ओर से इस ओर अभी तक कोई ध्यान भी नहीं दिया जा रहा है।

नहीं मिल रहा इंजेक्शन

मेरठ समेत देश भर के कई हिस्सों में म्यूकोरमाइकोसिस या ब्लैक फंगस के इलाज़ में कारगर इंजेक्शन लाइपोसोमल एम्फोटेरिसिन -बी की किल्लत होनी शुरू हो गयी है। बढ़ते मामलों के साथ ही इंजेक्शन की कमी होना बड़ी मुश्किल की ओर इशारा कर रही है। वहीं एमपी के दवा बाजार में ये इंजेक्शन औने-पौने दामों में मिल रहा है। बताया जा रहा है दो हजार रुपए कीमत वाले इस इंजेक्शनशन के लिए मोटी कीमत चुकानी पड़ रही है।

सोशल मीडिया पर भी उठा मुद्दा

ब्लैक फंगस की दवाइयों की शॉर्टेज को सोशल मीडिया पर भी मुद्दे उठने लगे हैं।देश के कई प्रदेशों में लोग ट्वीटर पर इसकी दवाइयां न मिलने की शिकायत कर रहे हैं। झारखण्ड़ में एक मामले में ट्वीट करते हुए एक व्यक्ति में मुख्मंत्री से गुहार लगाई हैं। अपने ट्वीट में रांची में एक असप्ताल में कोरोना के मरीज में ब्लैक फंगस होने की पुष्टि करते हुए इलाज़ में 15 से 20 लाख रुपये खर्च होने की बात कही है। वहीं मध्यप्रदेश में भी ऐसे ही हालात सामने आ रहे हैं। लोग यहां भी दवाइयां उपलब्ध न होने की बात कहकर सीएम से मदद मांग रहे है। हालांकि एमपी सरकार ने ब्लैक फंगस की पुष्टि होने पर फ्री इलाज़ की घोषणा की है।

बाजार से गायब होने पर सवाल

कोविड पेशेंट्स में ब्लैक फंगस के केस सामने आते ही बाजार में एंटीफंगल इंजेक्शन गायब होने पर कई सवाल खड़े होते हैं। इस बीमारी के केसेस में अभी अत्यधिक इजाफा भी नहीं हुआ है ऐसे में कोरोना की दूसरी दवाइयों की तरह इसकी किल्लत होना पूरी तरह ब्लैक मार्केटिंग की ओर इशारा कर रही है। एक तरफ जहां रेमडेसिविर की तरह कालाबाजारी होने की आशंका खड़ी होती है वहीं मरीज़ों को इलाज़ न मिल पाने का संकट भी खड़ा होता नजर आ रहा है।

ये भी हैं विकल्प

म्यूकोरमाइकोसिस के इलाज़ के लिए शुगर कंट्रोल करना सबसे जरूरी है। ऑपरेशन और इलाज़ में पोसाकोनाजोल और एम्फोटेरिसिन डीऑक्सीचीलेट जैसी दवाइयां भी डॉक्टर्स रेकमेंड करते हैं लेकिन इन दवाइयों का किडनी पर साइड इफेक्ट काफी होता है

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