भारतीय किसान यूनियन ने आज पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के आफिस प्रांगण में नलकूपों पर बिजली मीटर लगाने के विरोध में धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा हम किसानों की इतनी आय नहीं कि बिजली के इतने भारी भरकम बिलों को भर सकें। उन्होंने पंजाब और हरियाणा में किसानों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां पर किसानों से ऐसा बिल नहीं वसूला जाता। नरेश टिकैत ने कहा उनका भाजपा और भाजपा के नेताओं से कोई विरोध नहीं है। भाजपा नेता अच्छे हैं लेकिन भाजपा सरकार की नीति किसान,युवा और मजदूर विरोध हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मसले पर बात करनी चाहिए। भाकियू राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि अग्निपथ योजना युवाओं के सपनों को तोड़ने वाली है। इस योजना का आखिरी दम तक विरोध किया जाएगा। किसान नेताओं में धरने को संबोधित करते हुए कहा जो किसान का बिल पहले 1800 से दो हजार रुपये तक आता था अब वह बिल दस हजार रुपये तक आ रहा है।
किसान अपने नलकूपों का मीटर उखाड़कर धरनास्थल पर लाए थे और उसको वहीं रख दिया। उन्होंने कहा कि अगर कर्मचारी बिजली के मीटर नलकूपों पर लगाएंगे तो उनको उखाड़कर उपखंड अधिकारी को लौटा दिए जाएंगे। किसानों ने देर रात पुलिस के साथ बिजली विभाग की टीम द्वारा छापेमारी करने का विरोध किया। धरनास्थल पर चारों तरफ ट्रैक्टरों का घेरा बनाया था। धूप और उमस भरी गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में किसान धरना स्थल पर पहुंचे थे। जिसमें किसानों ने आरपार की लड़ाई का ऐलान किया।
