राकेश टिकैत के विरोध से भाजपा की बढ़ी मुश्किलें

उत्तराखंडराकेश टिकैत के विरोध से भाजपा की बढ़ी मुश्किलें

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भाजपा को वोट न देने की अपील कर रहे भाकियू नेता राकेश टिकैत
पश्चिम बंगाल और यूपी पंचायत चुनाव जैसा हाल करने का दावा

न्यूज डेस्क। ‘जब सत्ता अहंकारी, निरंकुश और पूंजीपतियों की वफादार हो जाये, तो जनता के पास वोट की चोट की ताकत ही सत्ता को सबक सिखाती है।’ पश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा की हार के बाद भाकियू नेता राकेश टिकैत ने यह ट्विट कर किसानों की ताकत का अहसास दिलाया था। पश्चिम बंगाल के बाद उत्तर प्रदेेश में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में भी भाजपा विरोधी लहर कायम रही और पार्टी को भारी नुकसान उठाना पड़ा। अब भाकियू नेता राकेश टिकैत द्वारा गांव-गांव घुमकर भाजपा को वोट न देने की अपील करने के ऐलान ने निश्चित ही भाजपा की नींद उड़ा दी होंगी।

उत्तर प्रदेश में किसान यदि भाजपा के विरोध में एकजुट हो गये तो उसका चुनाव जीतना असंभव ही हो जायेगा। और इसकी बानगी हम हाल ही में हुए यूपी पंचायत चुनाव में देख भी चुके हैं।

नये कृषि कानून को लागू करने वाली केंद्र सरकार के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन के अगुवा बने राकेश टिकैत ने अब भाजपा के खिलाफ कमर कस ली है। मेरठ के सिवाया टोल प्लाजा पर कृषि कानून के विरोध में पिछले 25 दिन से धरना दे रहे भाकियू कार्यकर्ताओं को शनिवार को संबोधित करने पहुंचे भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि वह यूपी के कोने-कोने में जाकर ‘इनको’ वोट न देने की अपील करेंगे । आगामी यूपी विधानसभा चुनाव में इशारों-इशारों में बीजेपी को वोट न देने की अपील करने वाले भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा, चाहे जिसको वोट दो मगर ‘इनको’ बिल्कुल वोट न देना।

राकेश टिकैत का भाजपा विरोध जगजाहिर है, कुछ समय पहले उन्होंने जींद के उझाना गांव में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा था कि बीजेपी का जो हाल पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हुआ वहीं आगामी उत्तर प्रदेश चुनाव में भी होगा। उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की तरह विधानसभा चुनाव में भी भाजपा को सबक सिखाने के लिये संयुक्त किसान मोर्चा ने रणनीति तैयार कर ली है। जाहिर है कि राकेश टिकैत का हालिया बयान भी इसी रणनीति का हिस्सा है।

हाल ही में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में हार का मुंह देख चुकी भाजपा के लिये राकेश टिकैत का रूख खतरे की घंटी है। भारतीय किसान यूनियन वेस्ट यूपी में काफी प्रभाव रखती है और किसान आंदोलन के बाद संपूर्ण उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों में भी किसान एकजुट हो रहे हैं। किसान आंदोलन के अगुवा के रूप में उभरे भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत का भाजपा विरोध निश्चित ही पार्टी के लिये मुश्किलें खड़ी करने वाला होगा। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान भाजपा को प्रदेशवासियों और विपक्षी पार्टियों के साथ अपने ही विधायकों, सांसदों और मंत्रियों का विरोध झेलना पड़ा था। वहीं आंतरिक खींचतान का सामना कर रही भाजपा इस समय मुश्किलों के दौर से गुजर रही है। ऐसे में किसानों का विरोध उसके पुनः सत्ता आसीन होने के स्वप्न को तोड़ सकता है। और हालिया स्थिति को देखते हुए किसानों का आसानी से मान जाना भी संभव नहीं दिख रहा। भविष्य में क्या होगा यह कहना मुश्किल है मगर यह तय है कि इन हालातों में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भी भाजपा के लिये स्थितियां अनुुकुल नहीं है।

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