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प्रियंका को बार-बार रोकना भाजपा की रणनीति!


प्रियंका को बार-बार रोकना भाजपा की रणनीति!

यूपी में कांग्रेस को मजबूत कर सपा को कमजोर करने की चर्चाएं

सुनील शर्मा

न्यूज डेस्क। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी का रास्ता बार-बार रोके जाने पर योगी सरकार की मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। गौरतलब है कि पिछले 17 दिनों में प्रियंका गांधी को यूपी पुलिस ने दूसरी बार हिरासत में लिया है। इससे पहले लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा में जान गंवाने वाले किसानों के परिवार से मिलने जाते समय भी प्रियंका गांधी को गिरफ्तार किया गया था। योगी सरकार के पुलिस-प्रशासन ने हाथरस जाते हुए भी प्रियंका गांधी की राह रोकी थी। राजनीतिक हलकों में चर्चाएं इस बात की है प्रियंका गांधी को बार-बार यूपी में रोकना, गिरफ्तार करना, हिरासत में लेना भाजपा की रणनीति है। क्योंकि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी मजबूत प्रतिद्वंदी के रूप में सामने आ रही है। ऐसे में यूपी में कांग्रेस यदि मजबूत होगी तो उसकी कीमत समाजवादी पार्टी को अपने वोट बैंक से चुकानी पड़ेगी। जाहिर है इसका फायदा भाजपा को ही मिलेगा।

आगरा में पुलिस हिरासत में जान गंवाने वाले सफाईकर्मी अरूण वाल्मीकि के परिवार से मिलने जा रही कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को आज आगरा एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजा पर पुलिस ने रोक लिया। लखनऊ पुलिस ने उन्हें ढाई घंटे तक हिरासत में रखा। कहासुनी, विवाद के बाद प्रियंका को आगरा जाने की अनुमति दे दी गयी। प्रियंका गांधी ने रोके जाने पर पुलिस से नाराजगी जताते हुए कहा कि ‘जहां जाती हूं वहीं रोक देते हैं।’ जाहिर है प्रियंका गांधी योगी सरकार के बार-बार रोके जाने पर नाराजगी जता रही थीं।

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लेकिन सिक्के का एक पहलूयह भी है कि योगी सरकार जब भी प्रियंका गांधी का रास्ता रोकती है तब तब कांग्रेस को उत्तर प्रदेश में नई ऊर्जा मिलती है। हाल ही में लखीमपुर खीरी जा रही प्रियंका गांधी को गिरफ्तार कर सीतापुर गेस्ट हाउस में रखा गया तो उससे कांग्रेस कार्यकर्ता एकजुट होकर सड़कों पर उतर आए। पार्टी में उत्साह का माहौल बना तो जनता भी कांग्रेस के समर्थन में आती दिखी। लखीमपुर खीरी हिंसा के बाद कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में जोर पकड़ लिया है। यानी प्रियंका गांधी की राह में रोड़ा बनी योगी सरकार वास्तव में कांग्रेस को पुर्नजीवित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। अब एक पहलू यह भी है कि जब प्रदेश की योगी सरकार ही नहीं आम जनता तक यह जानती है कि प्रियंका गांधी को रोकना नामुमकिन है और प्रियंका को रोके जाने से कांग्रेस को फायदा होगा तो आखिर योगी सरकार ऐसी गलती क्यों कर रही है।

चर्चाएं यह है कि भारतीय जनता पार्टी यह चाहती है कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस मजबूत स्थिति में आ जाए। भाजपा नेतृत्व को लगता है कि उनका वोट बैंक तो उनके पाले से नहीं खिसकेगा मगर सपा के वोट बैंक जरूर कांग्रेस को मजबूत बनायेगा। ऐसे में उत्तर प्रदेश में प्रमुख प्रतिद्वंदी बनकर सामने आ रही समाजवादी पार्टी कमजोर हो जाएगी। वहीं कांग्रेस मजबूत होने के बावजूद यूपी में सरकार बनाने की स्थिति में नहीं होगी लेकिन वह समाजवादी पार्टी की सीटें कम जरूर कर सकती है। ऐसे में भारतीय जनता पार्टी को फायदा होना तय है।

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अब अगर यह भाजपा की नीति है तो फिलहाल कांग्रेस को मजबूत बनाने में तो कामयाब होती दिख रही है। लेकिन इससे सपा कमजोर होगी ही यह कहना अभी मुश्किल होगा। लेकिन यह भी हो सकता है कि जिस कांग्रेस को भाजपा मजबूत बनाने का प्रयास कर रही है वह इतनी ताकतवर हो जाये कि भाजपा को भी चारो खाने चित कर दे। देश की सबसे पुरानी पार्टी को उत्तर प्रदेश में पुर्नजीवित करना भाजपा के लिये डाल पर बैठकर कुल्हाड़ी चलाने जैसा साबित हो सकता है।

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