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उत्तराखंड में मिशन 60 के लिए भाजपा की खास रणनीति,हिमाचल, दिल्ली और हरियाणा के 150 से ज्यादा कार्यकर्ता संभालेंगे चुनावी कमान


उत्तराखंड में मिशन 60 के लिए भाजपा की खास रणनीति,हिमाचल, दिल्ली और हरियाणा के 150 से ज्यादा कार्यकर्ता संभालेंगे चुनावी कमान

देहरादून, उत्तराखंड में मिशन 60 के लिए सत्ताधारी पार्टी भारतीय जनता पार्टी ने खास रणनीति तैयार की है। पार्टी ने चुनाव की मॉनिटरिंग के लिए दूसरे राज्यों से कार्यकर्ताओं को बुलाने का निर्णय लिया है। जिनके हाथों में चुनाव की पूरी कमान दी जाएगी। भाजपा पहले से ही अपने संगठन के कुछ खास चेहरों को चुनाव वाले राज्यों में भेजती आ रही है, जिससे चुनाव में फ्री हैंड होकर चुनाव प्रचार—प्रसार किया जा सके।

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भाजपा ने आगामी विधानसभा चुनावों 2022 के लिए पार्टी की रीति-नीति व सरकार की योजनाओं को घर-घर पहुंचाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए अन्य राज्यों के पार्टी नेताओं और कार्यकर्त्ताओं का भी सहयोग लिया जाएगा, जो प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में सांगठनिक व चुनाव की दृष्टि से जुटेंगे। इस कड़ी में 16 दिसंबर को हिमाचल, दिल्ली और हरियाणा से भाजपा के 168 पार्टी नेताओं व कार्यकर्त्ताओं का जत्था उत्तराखंड आ रहा है। जो कि टिकट बंटवारे की प्रक्रिया से लेकर चुनाव संपन्न होने तक उत्तराखंड में डटेंगे। इन कार्यकर्ताओं के हाथ में भाजपा का चुनावी वॉर रुम भी होगा।

भाजपा के संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने चुनाव से पहले की रणनीति को तैयार कर आने वाले चुनाव को लेकर पूरा रोडमैप तैयार कर लिया है। चुनाव के लिए पार्टी के प्रचार प्रसार को धार देने के लिए दूसरे प्रदेशों के भाजपा नेताओं और कार्यकर्त्ताओं को भी उत्तराखंड में जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। भाजपा उन सभी राज्यों से यहां वरिष्ठ नेताओं व कार्यकर्त्ताओं को लाने की तैयारी कर रही है, जहां अभी चुनाव नहीं हैं। पहले चरण में हिमाचल, हरियाणा और दिल्ली से भाजपा कार्यकर्त्ता उत्तराखंड आ रहे हैं। इन तीनों राज्यों से कुल 168 कार्यकर्त्ता 16 दिसंबर को उत्तराखंड पहुंचेंगे।

प्रदेश संगठन ने इनकी भूमिका भी तय कर दी है। दो-दो कार्यकर्त्ताओं को प्रत्येक विधानसभा में तैनात किया जाएगा, जो स्थानीय भाजपा नेताओं के साथ घर-घर जाकर प्रचार को गति देंगे और पार्टी द्वारा दी गई अन्य जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे। इसके अलावा शेष कार्यकर्त्ताओं जिला व प्रांत स्तर पर सांगठनिक दृष्टि से और चुनावी दृष्टि से प्रचार-प्रसार का जिम्मा संभालेंगे। इन्हें भाजपा मुख्यालय से लेकर जिलों में अहम भूमिका दी जाएगी। भाजपा ने 2022 के विधानसभा चुनाव के लिए मिशन 60 का नारा दिया है। इसके लिए भाजपा ने नए सिरे से रणनीति पर फोकस करना शुरू किया है।

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भाजपा चुनाव में किसी भी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहती है। इसके लिए चुनावी रणनीति पर फोकस करने वाली पूरी टीम ऐसे राज्यों से तैयार की जा रही है। जहां चुनाव नहीं है। ऐसे में उत्तराखंड संगठन के लोग फ्री होकर अपने—अपने क्षेत्रों में काम कर सकेंगे। इसके लिए प्रदेश संगठन का काम और लेखा जोखा बाहरी राज्यों के कार्यकर्ताओं के हाथ में सौंपा जाएगा।

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