गुजरात विधानसभा चुनाव प्रधानमंत्री और भाजपा के लिए लोकसभा चुनाव से कम महत्वपूर्ण नहीं है. गुजरात में बादशाहत से ही नरेंद्र मोदी का दिल्ली सफर शुरू हुआ है, अब इस सफर को आगे जारी रखने के लिए गुजरात को हर हाल में जीतना उनकी मजबूरी है और इसीलिए भाजपा गुजरात के चुनावों में अपनी पूरी ताकत झोंक देती है, इस बार भी गुजरात गौरव यात्रा से भाजपा ने चुनावी शंखनाद कर दिया है, यात्रा को राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा ने हरी झंडी दिखाई है, पांच चरणों की यह यात्रा है. केंद्रीय मंत्रियों का एक बड़ा काफिला इन गौरव यात्राओं को संभालेगा।
गुजरात में आम आदमी पार्टी के धुंआधार प्रचार के बाद गौरव यात्रा के द्वारा भाजपा ने अब अपना चुनावी बिगुल फूंका है, दावा है कि इस बिगुल की आवाज़ से AAP की हवा का दावा हवा हवाई हो जायेगा। यात्राक का डिज़ाइन कुछ इस तरह तैयार किया गया है कि गुजरात की 144 सीटें इससे कवर हो रही हैं, बता दें कि गुजरात विधानसभा में 182 सीटें हैं. यात्रा के दौरान गुजरात के लोगों को राज्य से ज़्यादा केंद्र के कामों के बारे में बताया जायेगा, मोदी जी की महिमा का गुणगान होगा, गुजरात की अस्मिता का बखान होगा।
वैसे अस्मिता की जहाँ तक बात है प्रधानमंत्री ने कल ही इसकी शुरुआत कर दी है, लोगों को याद दिलाया है कि उन्हें मौत का सौदागर कहा गया था, कहना नहीं होगा कि यह हमला सोनिया गाँधी पर था, कांग्रेस पार्टी पर था. प्रधानमंत्री ने आम आदमी पार्टी को भी लपेटा, बल्कि यह कहकर कि कांग्रेस ने इसबार मुझे बुरा भला कहने का ठेका किसी और की दे दिया है, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी में मिलीभगत की ओर इशारा किया। भाजपा की यह गौरव यात्रा कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा का जवाब बताई जा रही है, यह अलग बात है कि भारत जोड़ो यात्रा गुजरात से नहीं गुज़रेगी।

