अयोध्या में 22 जनवरी को रामलला की प्राणप्रतिष्ठा के बाद भगवान श्रीराम को 450 साल के बाद उनका घर मिल जायेगा। भाजपा राम मंदिर के मुद्दे पर सवार होकर ही केंद्र की सत्ता तक पहले पहुंची और अब पूरी तरफ काबिज़ हो चुकी है. पूरे देश के राम भक्त इस मौके को ऐतिहासिक बनाने में अपनी तरह से सहयोग कर रहे हैं. 500 किलो का नगाड़ा अयोध्या पहुँच चूका है, 2400 किलो का घंटा बजने को तैयार है जिसकी आवाज़ कोसों दूर तक जाएगी। इन सारी तैयारियों के बीच भाजपा की लोकसभा चुनाव को लेकर अपनी तैयारी भी चल रही है. भाजपा ने प्राण प्रतिष्ठा समारोह का पूरे देश में बूथ स्तर पर लाइव प्रसारण करने का फैसला किया है, इसके अलावा 22 जनवरी के बाद उसका सबसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम है जो लोकसभा चुनावों तक चलेगा।
भाजपा देश भर से 4 करोड़ लोगों को अपने खर्चे पर अयोध्या दर्शन कराएगी. मीडिया की ख़बरों के मुताबिक उसका ये कार्यक्रम लोकसभा सीटों के हिसाब से तय किया जायेगा। यानि कि इस बात को ध्यान में रखा जाएगा कि किन लोकसभा क्षेत्रों के लोगों को अयोध्या ले जाया जाय और कितने लोगों को ले जाया जाय। अयोध्या में भले ही सारी ज़िम्मेदारी राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट संभाल रहा है लेकिन हकीकत ये है कि सारी ज़िम्मेदारी भाजपा ने संभाल रखी है. 48 दिनों तक चलने वाले कार्यक्रम को सुचारु रूप से अंजाम देने के लिए भाजपा कार्यकर्ता जुटे हुए हैं, फिर वो चाहे आने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन कराना हो या फिर उनके रहने और खाने का इंतज़ाम करना। बुधवार को अयोध्या में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की एक बैठक भी हुई और उसी में 4 करोड़ लोगों को अयोध्या लाने की बात तय की गयी.
भाजपा की इस बैठक में उप मुख्यमंत्री सीएम ब्रजेश पाठक, संस्कृति व पर्यटन मंत्री जयवीर सिह व नगर विकास मंत्री एके शर्मा, राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री बीएल संतोष, तरुण चुग, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र चौधरी व महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह मौजूद रहे। भाजपा 22 जनवरी के बाद लोगों को लगातार याद दिलाना चाहती है कि सिर्फ भाजपा ने ही अयोध्या में भगवान् राम को उनका घर दिलाया। सिर्फ भाजपा ही असली राम भक्त है, सिर्फ भाजपा ही हिन्दुओं की रक्षा कर सकती है, सिर्फ भाजपा ही सनातन की रक्षा कर सकती है. चुनाव तक वो देश के लोगों के मन में भाजपा और राम को लगातार एकसाथ दिखाना चाहती है.