गुजरात में सत्ताधारी भाजपा के मौजूदा विधायकों के दिल की धड़कनें उस समय अचानक बढ़ गयी जब गृह मंत्री अमित शाह ने यह कहा कि इस बार 25 प्रतिशत नए चेहरे चुनाव में उतारे जायेंगे, हालाँकि उन्होने यह नहीं कहा कि मौजूदा विधायकों के टिकट काटे जायेंगे लेकिन अमित शाह ने अपना सन्देश सभी को भेज दिया कि कोई भी अपने टिकट को पक्का न समझे। इन 25 प्रतिशत में सिटिंग विधायकों का भी नाम हो सकता है जिन्होंने अपने क्षेत्र में पिछले पांच सालों में ढंग से काम नहीं किया होगा.
वैसे भी अमित शाह का एक ही चुनावी मन्त्र होता है कि टिकट उसे मिले जो चुनाव जीतने की क्षमता रखता हो, भले ही वह इम्पोर्टेड ही क्यों न हो. अमित शाह ने अपना यह सन्देश रविवार को पत्रकारों के साथ एक वार्तालाप में दिया। शाह का कहना था कि टिकट लेने की एक ही योग्यता है कि उम्मीदवार में चुनाव जीतने का दम हो, उसकी क्षेत्र में जनता के बीच पहचान हो और अपने दम पर चुनाव लड़ सकता हो. शाह ने कहा कि इसबार सिर्फ वोट बैंक के सहारे चुनाव नहीं लड़ा जायेगा, उम्मीदवारों को अपने दम पर भी काफी मेहनत करनी होगी और यही इसबार टिकट पाने का क्राइटेरिया है.
भाजपा नेता कहा कि इस बार 25 प्रतिशत नए चेहरे मैदान में उतारे जायेंगे क्योंकि बार बार पुराने प्रत्याशियों को दोहराना अच्छी बात नहीं। अब अमित शाह की यह बात मौजूदा विधायकों पर भी लागू होती है और उनकी इसी बात से कई विधायकों के चेहरे सफ़ेद पड़ चुके हैं, हालाँकि मीडिया में चल रही ख़बरों की माने तो यह प्रतिशत 45 तक पहुँच सकता है क्योंकि सरकार अपने कई मंत्रियों और विधायकों के कामकाज और कार्यशैली से खुश नहीं है. शाह के इस एलान से जहाँ पुराने लोगों के चेहरे सफेद पड़े हैं वहीँ नए और युवा चेहरों पर ख़ुशी की लहर दौड़ गयी है. अब देखना है कि इन नए प्रत्याशियों में कितने इम्पोर्टेड होते हैं और कितने घरेलू।
