दिल्ली की सीमाओं पर लंबे समय से चल रहे किसान आंदोलन ने जबसे उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की ओर रुख किया है तबसे भाजपा खेमे में हलचल बढ़ गई है। पार्टी ने राकेश टिकैत व् उनके साथ जुड़े किसान नेताओं को माकूल जवाब देने की तैयारी शुरू कर दी है। प्रदेश में किसान आंदोलन से निपटने के लिए आठ तरह का फॉर्मूला तैयार किया है। जिसके सहारे पार्टी किसानों के करीब पहुंचेगी और उनकी नाराजगी दूर करने की कोशिश करेगी ।
पार्टी के एक वरिष्ठ सांसद ने बताया कि जबसे राकेश टिकैत ने UP में किसान आंदोलन करने और चुनावी रैलियां करने की बात की है तबसे पार्टी ने इसका समाधान निकालने की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। बात करें राकेश टिकैत कि तो उनके संगठन का प्रभाव उत्तर प्रदेश मे कुछ खास नहीं है। हाँ पश्चिमी UP में वे पार्टी को जरूर कुछ हद तक नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए पार्टी पश्चिमी यूपी पे ज्यादा ध्यान दे रही है। इसलिए इस क्षेत्र में बीजेपी ने अपने नामी गिरामी नेता राज्यसभा सांसद विजय पाल सिंह तोमर, मंत्री संजीव बालियान, समेत प्रदेश के कई बड़े मंत्रियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। इन नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है की वे किसानों के बीच जाएं और पार्टी की सकारात्मक छवि बनाए |
केंद्रीय नेतृत्व और प्रदेश संगठन के अंतर्गत 16 से 25 अगस्त तक पार्टी के सभी सांसद, विधायक, पार्षद, किसान मोर्चा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता की मदद से गांवों में 50 से 100 किसानों की एक चौपालें बैठाई जाएंगी। जिसमे किसानों की हर समस्या सुनी जाएगी। सभी समस्याओं का कैसे हल निकलेगा इसका पूरा फीडबैक राज्य सरकार तक पहुंचाया जाएगा। इन चौपालों का उद्देश्य गांवों में किसानों की नब्ज टटोलना होगा । ताकि आने वाले चुनाव के मद्देनजर प्रदेश सरकार किसानों की नाराजगी को दूर कर सके।गांवों में किसानों की सारी समस्याएं सुनने के बाद ये नेता यूपी सरकार व् मोदी सरकार की किसान के हितों की योजनाओं की Information भी देंगे।
इन सभी बातों के अलावा बीजेपी नेता किसानों को कस्टम हायरिंग सेंटर्स के बारे में बताएंगे साथ ही गन्ना किसानों के 10,000 करोड़ रुपये के भुगतान की पूर्ण रूपेण जानकारी भी किसानों को दी जाएगी। नवीनतम तकनीक से गन्ने और केले की खेती करने वाले किसानों को दी जा रही सब्सिडी के बारे में पूरी तरह बताया जाएगा।
उत्तर प्रदेश में एक सितंबर से खुल सकते हैं छह से आठवीं तक के स्कूल
किसानों की समस्याओं और मांगों को 25 से 30 अगस्त तक जिलेवार तरीके से एकत्र किया जाएगा और उसके दस्तावेज तैयार किए जाएंगे इसके बाद ग्रामीण किसानों का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रतिनिधि मण्डल द्वारा CM योगी आदित्यनाथ को सौंपा जाएगा।
इस प्रतिनिधि मंडल के अंतर्गत प्रदेशभर के लगभग 200 से 250 किसान होंगे। इसके अलावा ब्लॉक और तहसील के स्तर पर कार्य करने वाले बीजेपी किसान मोर्चा के कार्यकर्ता भी होंगे।
किसान मोर्चा की अगुवाई वाले प्रतिनिधिमंडल का राज्य सरकार पूर्ण भरोसा देगी कि व् अगले कुछ ही दिनों में उनकी समस्याओं का निस्तारण करेगी |

