PM Mathura visit: राम मंदिर मुददा खत्म होने के बाद भाजपा अब कृष्ण जन्मभूमि मुददा 2024 में चुनाव का केंद बिदु बनाने की तैयारी में है। कल 23 नवंबर को पीएम मोदी का मथुरा दौरा संभावित है। पीएम मोदी के मथुरा दौरे के बारे में माना जा रहा है कि कृष्ण की नगरी से 2024 की पटकथा तैयार की जाएगी। इस बार कृष्ण जन्मभूमि का मुद्दा केंद्र बिंदु हो होगा।
पीएम मोदी कल गुरुवार को मथुरा पहुंचेंगे
वर्ष 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं। इसी बीच पीएम मोदी कल गुरुवार को मथुरा पहुंचेंगे। संभावित कार्यक्रम के मुताबिक, पीएम मोदी श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर जा सकते हैं। अगर पीएम मोदी वहां जाते हैं तो वो देश के पहले ऐसे प्रधानमंत्री होंगे जो जन्म स्थान पहुंचेंगे। यह हिंदुत्व एजेंडे को धार देने और हिंदुत्व पर चलने वाली भाजपा की ओर से साफ संदेश होगा। पीएम के इस निर्णय से लोकसभा चुनाव 2024 के केंद्र में कहीं न कहीं जन्मभूमि का एजेंडा होगा।
श्रीकृष्ण की जन्मभूमि पर भाजपा व सपा की राजनीतिक गतिविधियां शुरू हैं। ये गतिविधियां संकेत दे रहीं हैं कि कहीं न कहीं कृष्ण की धरती को ध्यान में रखकर लोकसभा चुनाव की पटकथा तैयार हो रही है। श्रीकृष्ण जन्मस्थान का मामला चुनाव में उठेगा। समाजवादी पार्टी मुखिया अखिलेश यादव खुद को श्रीकृष्ण का वंशज बताते हैं।
भाजपा श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मुद्दे पर मुखर है। भाजपा इस बार भी आम चुनाव में हिंदुत्व कार्ड खेलने की तैयारी में है। सपा ने मुस्लिम मतदाताओं को देखते हुए मुद्दे पर अपनी चुप्पी साधी हुई है। सपा राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव ने पिछले दिनों वृंदावन में कार्यकर्ता सम्मेलन कर संदेश दिया था कि वह श्रीकृष्ण के भक्त हैं।
मुख्यमंत्री योगी की समय-समय पर मथुरा दौड़
मुख्यमंत्री योगी की समय-समय पर मथुरा दौड़ यह साफ संदेश देती है कि वह मथुरा को चुनावी एजेंडे में रखे हैं। 23 नवंबर को कल मथुरा में प्रधानमंत्री मोदी आ रहे हैं। इसके बाद 28 नवंबर को फरह में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत भी पहुंचेंगे। बीते सप्ताह महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस भी श्रीकृष्ण जन्मभूमि गए थे। उन्होंने जन्मभूमि-ईदगाह विवाद की जानकारी प्रबंधन समिति से ली थी। दायर सभी केसों की स्थिति और उनके समर्थन में तथ्यों, तर्कों और साक्ष्यों की जानकारी ली थी।
भाजपा की ऐसी हलचलों से राजनीति से जुड़े लोगों का मानना है कि लोकसभा चुनाव 2024 में श्रीकृष्ण जन्मस्थान-ईदगाह कमेटी विवाद खासा महत्वपूर्ण होगा। इसके पीछे मानना है कि भाजपा के पास 2019 के चुनाव में राम मंदिर का मुद्दा था। जनता इस मुद्दे पर भाजपा के साथ जुड़ी, वो मुद्दा सुलझने के बाद अब भाजपा की निगाह श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर है।
भाजपा नारा, जो राम को लाएं हैं- वह श्रीकृष्ण को लाएंगे
भाजपा अभी से नारा देने लगी है कि जो राम को लाएं हैं, वह श्रीकृष्ण को लाएंगे। इधर, समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव खुद को श्रीकृष्ण का वंशज बताते हुए यादव वोटों सहित हिंदुत्व के सॉफ्ट एजेंडे पर काम कर रहे हैं। हालांकि सपा ने मुस्लिम मतदाताओं को साधने के लिए जन्मभूमि विवाद पर चुप्पी साधें है।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह बताते हैं कि राजनीतिक हलचल साफ इशारा कर रही है कि 2024 चुनाव जन्मभूमि-ईदगाह प्रकरण के ईद-गिर्द रहेगा। सरकार को चाहिए कि वह ऐसे मामले की प्रतिदिन सुनवाई के लिए हाईकोर्ट में पैरवी भी करें। जिससे विवाद का निपटारा जल्द हो।

