ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में शिवलिंग मिलने के दावे के बाद राजनीति भी गर्माती जा रही है। हालाँकि कि अभी सर्वे रिपोर्ट भी कम्पलीट नहीं हुई है जिसे 17 मई को अदालत में पेश करना है लेकिन अदालत के उस आदेश कि उस स्थान को फ़ौरन सुरक्षित और संरक्षित किया जाय हिन्दू पक्ष में ख़ुशी लहर दौड़ गयी है। इस समय सोशल मीडिया पर “शिव ही सत्य” जैसे कई हैशटैग तेज़ी से वायरल हो रहे हैं। वहीँ भाजपा नेताओं की ओर से शिवलिंग मिलने की खबर के बाद लगातार बयान आने शुरू हो गए हैं तो असदुद्दीन ओवैसी उन बयानों पर पलटवार कर रहे हैं।
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शिवलिंग मिलने की खबर पर भाजपा नेता केशव प्रसाद मौर्या ने ट्वीट कर कि ” सत्य ही शिव है”। उन्होंने अपने ट्वीट में कहा कि ‘बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर ज्ञानवापी में बाबा महादेव के प्रकटीकरण ने देश की सनातन हिंदू परंपरा को एक पौराणिक संदेश दिया है। बाबा की जय, हर हर महादेव। वहीँ भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने भी अपने ट्वीट में कहा कि “शिव ही शाश्वत है, शिव ही सत्य है”।
वहीँ AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि ज्ञानव्यापी मस्जिद थी और हमेशा क़यामत तक रहेगी। ओवैसी ने अपने ट्वीट में बाबरी मस्जिद का हवाला देते हुए कहा कि यह दिसंबर 1949 की पुनरावृत्ति है। यह आदेश ही मस्जिद के धार्मिक स्वरूप को बदल देता है। यह 1991 के एक्ट का उल्लंघन है। यह मेरी आशंका थी और यह सच हो गया है। बता दें ज्ञानव्यापी मस्जिद परिसर के सर्वे के दौरान आज अंतिम दिन वुजूख़ाने के तालाब से एक शिवलिंग मिलने की बात कही जा रही है। इधर मामला सुप्रीम कोर्ट पहुँच चूका है जहाँ कल सुनवाई होनी है।
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