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Prophet Muhammad Controversy : भाजपा ने प्रवक्ताओं को जारी किये नए निर्देश

भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा द्वारा पैग़म्बर मोहम्मद पर अपमानजनक टिप्पणी के मामले अब भगवा पार्टी पूरी तरह रक्षात्मक मोड़ में उतर आयी है. नूपुर शर्मा के निलंबन और नवीन कुमार जिंदल के निष्कासन के बाद भाजपा ने अब अपने पार्टी प्रवक्ताओं के लिए सख्त गाइडलाइन जारी की जिसके मुताबिक उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी धर्म के पूजनीय, उस धर्म के प्रतीकों या किसी धर्म के खिलाफ भावनाएं आहत करने वाली टिप्पणियों से बचें। 

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पार्टी ने यह भी साफ़ कर दिया है कि केवल वही आधिकारिक प्रवक्ता टीवी चैनलों की डिबेट में जाएंगे जिन्हें पार्टी द्वारा असाइनमेंट मिलेगा. इसके अलावा यह भी निर्देश दिए गए हैं कि डिबेट के दौरान उत्तेजित होने से बचें, किसी के उकसावे में आकर संयम न खोये और भाषा की मर्यादा को बरकरार रखें। निर्देश में यह भी कहा गया है कि डिबेट में जाने से पहले विषय के बारे में जानकारी ज़रूर हासिल कर लें ताकि उसके बारे में अच्छे से तैयारी हो सके. इस बात का पूरा ख्याल रखना है कि किसी भी स्थिति में पार्टी के सिद्धांतों का उल्लंघन हरगिज़ नहीं करना है.   

जानकारी के अनुसार पैगम्बर मोहम्मद पर पैदा हुआ विवाद अंतर्राष्ट्रीय मुद्दा बनने पर भाजपा ने अब इस मामले में आगे बात और न बिगड़े इसके लिए प्रयास शुरू किये और उसमें अपने आईटी सेल को यह ज़िम्मेदारी सौंपी कि वजह 2008 से अबतक पार्टी के ऐसे लोगों और उनके बयान का रिकॉर्ड खंगाले जिसमें विवादित बातें कही गयी हैं. बताते हैं कि इस प्रयास में लगभग 2700 ऐसे बयान सामने आये जो काफी विवादित रहे, इन बयानों में शब्दों का चयन काफी गलत पाया गया. आईटी विशेषज्ञों ऐसे 38 भाजपा नेताओं को भी चिन्हित किया जिनके बयान धार्मिक भावनाएं आहत करने वाले मिले। जानकारी के अनुसार इन 38 नेताओं में 27 को पार्टी की ओर से नसीहत जारी की गयी है कि भविष्य में वो बयान देते समय पार्टी गॉइडलाइन्स का उल्लंघन न करें।

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वहीँ पार्टी का एक बड़ा वर्ग इस बात को मानता है कि भाजपा को पैग़म्बर विवाद में इतना डिफेंसिव होने की ज़रुरत नहीं है, वह आज भी नूपुर शर्मा और नवीन कुमार जिंदल के पीछे खड़ा नज़र आ रहा है, उसे इस बात से कोई सरोकार नहीं कि इस मामले को लेकर डिप्लोमैटिक लेवल पर भारत के सामने एक चुनौती आ गयी है जिसका उसे सामना करना है.

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