सिद्धारमैया ने आरोप लगाया कि भाजपा ने उनकी सरकार गिराने के लिए 50 कांग्रेस विधायकों से संपर्क किया और प्रत्येक को 50 करोड़ रुपये की पेशकश की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के किसी भी विधायक ने इस पर सहमति नहीं जताई, जिसके कारण भाजपा अब उनके खिलाफ झूठे मामले दर्ज करा रही है।
सिद्धारमैया ने मैसूर जिले के टी नरसीपुरा विधानसभा क्षेत्र में 470 करोड़ रुपये के सार्वजनिक कार्यों का उद्घाटन करने के बाद कहा, “किसी तरह सिद्धारमैया सरकार को गिराने के लिए, उन्होंने (भाजपा ने) 50 विधायकों को 50 करोड़ रुपये की पेशकश की। उनके पास इतना पैसा कहां से आया? क्या भाजपा नेताओं ने पैसे छापे हैं?” उन्होंने कहा कि यह सब “घूस का पैसा” है।
सिद्धारमैया ने कि भाजपा की तमाम कोशिशों के बाद भी जब हमारे किसी भी विधायक ने इसके लिए सहमति नहीं जताई तो उन्होंने कांग्रेस सरकार को हटाने के लिए नए पैंतरे आज़माने शुरू किये हैं। इसीलिए वे झूठे मामले दर्ज कर रहे हैं। सिद्धारमैया ने भाजपा पर आयकर, सीबीआई, ईडी के जरिए सभी गैर-भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को धमकाने का आरोप लगाया। एमयूडीए साइट आवंटन घोटाले का जिक्र करते हुए, जिसमें लोकायुक्त ने उनके, उनकी पत्नी पार्वती बी एम और बहनोई मल्लिकार्जुन स्वामी के खिलाफ मामला दर्ज किया था, सिद्धारमैया ने कहा कि यह “100 फीसदी झूठा” है।
उन्होंने कहा कि वह पिछले कई दशकों से राजनीति में हैं और 40 साल पहले पहली बार मंत्री बने थे। उन्होंने आगे कहा कि वह दो बार विपक्ष के नेता, दो बार उपमुख्यमंत्री और दो बार मुख्यमंत्री रहे और उन पर कोई दाग नहीं है।

