नई दिल्ली। सत्तारूढ भाजपा ने सोशल मीडिया पर एक नए अभियान की शुरुआत की है। इसका नाम ‘देश की बदली सोच’ रखा है। इसके तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस पर दिए भाषण को कांग्रेस के पूर्व प्रधानमंत्रियों के भाषणों से तुलना की है।
भाजपा ने पार्टी के ट्विटर हैंडल पर पीएम नरेंद्र मोदी और उनके पूर्ववर्तियों प्रधानमंत्रियों जवाहरलाल नेहरू,इंदिरा गांधी राजीव गांधी और मनमोहन सिंह द्वारा दिए भाषणों की तुलना की है। भाषणों के कुछ हिस्सों का हवाला देते हुए भाजपा ने प्रमुख नेता की छवि को बहुत ही सकारात्मक ढंग से प्रस्तुत किया है। इसके तहत ग्राफिक्स साझा किए हैं।
एक ट्वीट में पार्टी ने आरोप लगाया है कि नेहरू ने अपने 1963 के भाषण में शहीद सैनिकों को कोई श्रद्धांजलि नहीं दी। जो 1962 में चीन के साथ युद्ध के बाद दिया था। इसमें बताया गया कि पीएम मोदी ने अपने 2020 के संबोधन में उन लोगों को याद किया था। जिन्होंने लद्दाख में चीनी सेना के साथ संघर्ष में बलिदान दिया था। भाजपा ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह कार्यकाल के 2008 और 2009 के भाषणों का जिक्र किया है। भाजपा ने उन पर चुनिंदा लोगों को याद रखने के अलावा एक परिवार को खुश करने का आरोप लगाया है। इसी के साथ पीएम मोदी के 2014 के भाषण का अंश जारी किया है। जिसमें पीएम मोदी ने कहा था कि सभी पूर्व प्रधानमंत्रियों के योगदान के कारण देश यहां तक पहुंचा है।
Read also: Yogi In Saharanpur: सहारनपुर पहुंचे सीएम योगी, जनप्रतिनिधियों और संगठन पदाधिकारियों के साथ की बैठक
एक ग्राफिक में यह भी बताया है कि वर्ष 1975 में आपातकाल लगाने को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने राष्ट्रीय जीवन के विभिन्न पहलुओं को ‘शुद्ध’ करने के लिए इसे ‘कड़वी गोलियों’ के रूप में उचित बताया था। जबकि सत्तारूढ़ दल ने दावा किया कि पीएम मोदी ने अपने 2017 के भाषण में लोकतंत्र को देश की ‘सबसे बड़ी ताकत’ बताया था। भाजपा ने अपने इस प्रमुख सोशल मीडिया अभियानों में मुख्य विपक्षी दलों की मुख्य हस्तियों को पहले भी निशाना बनाया था। कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आरोप लगाया था कि एक ‘आत्ममुग्ध’ सरकार स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को ‘तुच्छ’ करने पर तुली है। पार्टी राजनीतिक लाभ के लिए किए ऐसे प्रयासों का कड़ा विरोध करेगी। भाजपा ने अपने इस अभियान के तहत गांधी पर हुए हमले से जुड़ा वीडियो जारी किया। इसमें 1947 में गांधी पर हुए हमले और भारत विभाजन की घटनाओं को अपने तरीके से पेश किया है। इसमें उस समय के शीर्ष कांग्रेस नेतृत्व को ऐसी सभी घटनाओं के लिए दोषी ठहराया है। वीडियो में जवाहरलाल नेहरू और मुहम्मद अली जिन्ना की तस्वीरें दिखाई हैं।
