Site icon Buziness Bytes Hindi

अर्श से फर्श पर बिटक्वाइन


अर्श से फर्श पर बिटक्वाइन

पिछले दिनों जिस तरह से क्रिप्टोकरेंसी बिटक्वाइन की कीमतों में तेजी देखी जा रही थी, उससे हर किसी को लोभ हो रहा था. दुनियाभर में तेजी से लोग बिटक्वाइन की ओर आकर्षित हो रहे थे. लेकिन पिछले चंद दिनों में एक बाद एक झटके से क्रिप्टोकरेंसी में भारी गिरावट जारी है.

दरअसल, मार्केट कैपिटलाइजेशन के लिहाज से दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटक्वाइन में फिलहाल भारी गिरावट आई है. 19 मई को बिटक्वाइन इंट्राडे के दौरान टूटकर 38,570 डॉलर पर पहुंच गया, जो 9 फरवरी के बाद से इसका सबसे निचला स्तर है.

पिछले महीने बिटक्वाइन की कीमतों को पंख लग गए थे. इसने अप्रैल में 64,829 डॉलर के उच्चतम स्तर को छुआ था. बिटक्वाइन के अलावा Ethereum क्रिप्टोकरेंसी में भी बड़ी गिरावट आई है. इसकी कीमत 3,000 डॉलर से कम हो गई है और यह एक दिन में करीब 17 प्रतिशत गिरा है. पिछले हफ्ते ही Ethereum ने 4,000 डॉलर के स्तर को टच किया था.

इससे पहले 16 मई को बिटक्वाइन 45,000 डॉलर के स्तर पर ट्रेड कर रहा था, लेकिन टेस्ला इंक और SpaceX के फाउंडर एवं सीईओ एलन मस्क के एक ट्वीट से Bitcoin की कीमतें गिरकर 42,547 डॉलर पर पहुंच गई थी. एलन मस्क ने ट्वीट में किया था कि उनकी कंपनी टेस्ला वाहन खरीदारों से अब बिटक्वाइन नहीं लेगा. हालांकि बाद एलन मस्क ने स्पष्ट किया था कि उनकी कंपनी ने एक भी बिटक्वाइन नहीं बेचा है.

Read also: अगर ऐसा हुआ तो कैसे निकलेगा WTC फाइनल का नतीजा?

बुधवार को बिटक्वाइन में गिरावट के पीछे चीन का एक अहम फैसला माना जा रहा है. चीन के पीपल्स बैंक ऑफ चाइना (PBOC) ने किसी भी तरह के लेन-देन में क्रिप्टोकरेंसी के इस्तेमाल पर बैन लगा दिया है. चीन ने फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस और पेमेंट कंपनियों पर क्रिप्टोकरेंसी ट्रांजैक्शन से जुड़ी सर्विसेज देने पर प्रतिबंध लगाया है

Exit mobile version