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एक राष्ट्र एक चुनाव विधेयक पर बड़ी खबर, सोमवार को नहीं होगा पेश

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एक राष्ट्र एक चुनाव विधेयक अब 16 दिसंबर को लोकसभा में पेश नहीं किया जाएगा इसे कार्यसूची से हटा दिया गया है। पहले इसे सोमवार को लोकसभा में रखा जाना था । यह विधेयक सरकार द्वारा क्यों टाला गया और अब ये विधेयक कब पेश होना है , इसके बारे में कोई भी जानकारी अबतक सामने नहीं आयी है।

बताया जा रहा है कि सोमवार और मंगलवार को राज्यसभा में संविधान पर चर्चा होनी है जहां विपक्ष सभापति जगदीप धनखड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आया है जिसको लेकर सत्तारूढ़ भाजपा और कांग्रेस नेतृत्व वाला विपक्ष पर आक्रामक रहेगा, इसलिए माना जा रहा है कि उस चर्चा को ध्यान में रखते हुए विधेयक को सोमवार के एजेंडे से हटा दिया गया है। बताया जा रहा है कि इस विधेयक को अब बुधवार को लोकसभा में पेश किया जा सकता है। बता दें कि संसद का शीतकालीन सत्र 20 दिसंबर को समाप्त होगा। मोदी कैबिनेट ने 12 दिसंबर को ‘एक राष्ट्र एक चुनाव’ विधेयक को मंजूरी दी थी। विधेयक में 2034 के बाद एक साथ चुनाव कराने का प्रस्ताव है।

विधेयक के जरिए संविधान में नया अनुच्छेद 82ए पेश किया जाएगा, जिसके तहत लोकसभा के साथ-साथ सभी राज्य विधानसभाओं के चुनाव कराने का प्रावधान होगा। अनुच्छेद 83 में संशोधन लोकसभा के कार्यकाल को लेकर है। अनुच्छेद 172 में संशोधन राज्य विधानसभाओं के कार्यकाल को लेकर है। और अनुच्छेद 327 का संशोधन राज्य विधानसभाओं के चुनाव के संबंध में संसद के अधिकार के बारे में है।

भारत के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में 2 सितंबर 2023 को एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया था। इसका उद्देश्य एक साथ चुनाव कराने के लिए सिफारिशें करना है। कोविंद समिति ने 14 मार्च 2024 को राष्ट्रपति को अपनी सिफारिशें सौंपी, जिसमें लोकसभा और सभी विधानसभाओं के लिए एक साथ चुनाव कराने की सिफारिश की गई थी। कोविंद समिति ने पहले चरण में लोकसभा और विधानसभा चुनाव कराने की सिफारिश की थी। इसने उसके 100 दिनों के भीतर स्थानीय निकाय चुनाव कराने की सिफारिश की थी।

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