Site icon Buziness Bytes Hindi

Power Officers Association का बड़ा ऐलान, असहयोग आंदोलन व सामूहिक अवकाश से बनाई दूरी


Power Officers Association का बड़ा ऐलान, असहयोग आंदोलन व सामूहिक अवकाश से बनाई दूरी

लखनऊ। पॉवर ऑफिसर एसोसिएशन (Power Officers Association) ने तय किया है कि जनता के हितों को देखते हुए असहयोग आंदोलन या सामूहिक अवकाश से खुद को पूरी तरह अलग रखेंगे। बुधवार को एसोसिएशन की प्रांतीय कार्यसमिति ने यह फैसला लिया है। हालांकि एसोसिएशन ने यह भी कहा है कि अपने हितों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। नयी सरकार का गठन होने के बाद हम मुलाकात कर उनके सामने अपनी मांगों को रखेंगे, अगर हमारी मांगों की अनदेखी की गई तो आंदोलन पर पुनर्विचार किया जाएगा।

Read also: रूसियों ने खारकीव में पॉवर सब-स्टेशनों को उड़ाना शुरू किया

उत्तर प्रदेश पॉवर आफिसर्स एसोसिएशन (Uttar Pradesh Power Officers Association) की प्रांतीय कार्यसमिति की बुधवार को एक बैठक फील्ड हॉस्टल कार्यालय में सम्पन्न हुई। जिसमें एसोसिएशन के सभी सदस्यों के समस्याओं के बारे में विचार विमर्श किया गया और सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया की वर्तमान में प्रदेश में जल्द ही नई सरकार का गठन होना है, उसके बाद एसोसिएशन द्वारा अपनी मांगों से संबंधित एक मांग पत्र प्रबंधन सहित नई सरकार को सौंपा जाएगा। उस पर कार्यवाही ना होने की दशा में सभी डिस्कॉम अध्यक्षों से राय मशवरा करने के उपरांत आगे के आंदोलन की भूमिका पर चर्चा की जाएगी। फिलहाल एसोसिएशन के सभी अभियंता व कार्मिक अपने को किसी भी आंदोलन से अलग रखेंगे और वह नियमित कार्य की तरह अपने कार्य को करते रहेंगे। एसोसिएशन प्रांतीय कार्य समिति ने इस मुद्दे पर भी गंभीरता से चर्चा की कि आज भी बिजली कंपनियों में उच्च पदों पर दलित व पिछड़े वर्ग के अभियंताओं का प्रतिनिधित्व लगभग नगण्य है। नई सरकार बनने के बाद एसोसिएशन उच्च पदों पर दलित व पिछड़े वर्ग के अभियंताओं को प्रतिनिधित्व बनाए रखने के लिए भी पुरजोर मांग उठाएगा।

Read also: वीमेन पॉवरलाइन ‘1090’ ने शुरू किया डिजिटल आउटरीच प्रोग्राम ‘हमारी सुरक्षा’

उत्तर प्रदेश पॉवर आफिसर्स एसोसिएशन (Uttar Pradesh Power Officers Association) के कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा, उपाध्यक्ष योगेश कुमार, पीएम प्रभाकर, महासचिव अनिल कुमार, सचिव आर पी केन, अतिरिक्त महासचिव अजय कुमार, संगठन सचिव हरीश चंद्र वर्मा, राजकपूर, अनिल कुमार, विकास दीप, अश्वनी ने कहा कहा बिजली कंपनियों में कुछ संगठनों द्वारा चलाए जा रहे असहयोग आंदोलन व सामूहिक अवकाश से एसोसिएशन के किसी भी सदस्य का कोई भी लेना देना नहीं है। क्योंकि, एसोसिएशन की अपनी अलग मांग होती है और उसके द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन संवैधानिक रूप से संवैधानिक परिधि में जरूरत पड़ने पर किया जाता है। एसोसिएशन के सदस्यों ने इस बात पर भी चर्चा की कि बिजली विभाग के कुछ वरिष्ठ अभियंता, दलित अभियंताओं की अनुशासनात्मक कार्यवाही संबंधी पत्रावली पर विद्वेशपूर्ण भाव से कार्यवाही कराने का षड्यंत्र करते हैं। एसोसिएशन के सभी बिजली कंपनियों के पदाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह ऐसे अधिकारियों की सूची बनाएं, जिसे जल्द ही एसोसिएशन द्वारा नई सरकार व प्रबंधन को सौंपा जाएगा।

Exit mobile version