नई दिल्ली। आज से विभिन्न सरकारी विभागों के कर्मचारी और ट्रेड यूनियन दो दिवसीय हड़ताल पर चले गए हैं। इनमें प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार के अधिकतर सभी महत्वपूर्ण विभाग शामिल हैं। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के साझा मंच के आहवान पर आज से शुरू हो हुई इस दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल का असर परिवहन, बैंकिंग,रेलवे के अलावा बिजली पर पड़ेगा।
Read also: दो दिवसीय देशव्यापी बैंक हड़ताल शुरू, बैंकों के निजीकरण का विरोध
ऑल इंडियन ट्रेड यूनियन (All Indian Trade Union) का कहना है कि केंद्र सरकार की दमनकारी नीतियों के विरोध में आज 28 और 29 मार्च को देश भर में सामूहिक लामबंदी के हड़ताल की गई है। यूनियनों का कहना है कि हड़ताल के ग्रामीण इलाकों पर भी पड़ेगा। हड़ताल में इस्पात, कोयला, दूरसंचार,तेल, आयकर, डाक, बैंक, तांबा और बीमा जैसे क्षेत्रों के श्रमिक संघ भी शामिल है।
Read also: मुख्यमंत्री के आश्वासन देने के बाद केरल प्राइवेट बस ऑपरेटरों ने बंद किया आंदोलन
संयुक्त मंच ने कहा कि परिवहन और रेलवे और रक्षा क्षेत्र की यूनियनें भी हड़ताल के समर्थन में लामबंदी कर रही है। ट्रेड यूनियनों की मांगों में श्रम कानूनों में प्रस्तावित परिवर्तनों,किसी भी रूप के निजीकरण और राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन को रद्द करना शामिल है।

